सीवान में सरयू नदी में नाव चलाने पर रोक, दाहा नदी के जर्जर गेट से किसानों की चिंता बढ़ी

सीवान में सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने सभी प्रकार की नावों के परिचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी है। दरौली और सिसवन प्रखंड में यह बड़ा कदम उठाया गया है। अधिकारियों ने बैठक कर नाव मालिकों और मछुआरों को नदी में न जाने की सख्त चेतावनी दी है। नदी की तेज धारा से कभी भी दुर्घटना हो सकती है।
सिसवन-रामगढ़ गांव के पास दाहा नदी के जर्जर स्लूइस गेट से पानी का रिसाव शुरू हो गया है। पिछले तीन-चार दिनों से जलस्तर बढ़ने से गेट पर दबाव बढ़ गया है। रिसता हुआ पानी रामगढ़ और पिपरा गांव के चंवर की ओर जा रहा है। इससे धान की फसल के जलमग्न होने का खतरा पैदा हो गया है।
ग्रामीणों के अनुसार पिछले करीब आठ वर्षों से जलस्तर बढ़ने पर इसी तरह पानी का रिसाव होता है। इस समस्या से अब तक करीब 1500 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र में खरीफ की फसल बर्बाद हो चुकी है। पिपरा, जानी छपरा, रामगढ़ और महमदपुर के किसान हर साल इस नुकसान को झेलते हैं। पइन का बांध भी लंबे समय से जर्जर स्थिति में है।
कमजोर बांध और जर्जर स्लूइस गेट के कारण पानी खेतों में फैल जाता है। ग्रामीणों ने पइन के बांध और दोनों स्लूइस गेट की जल्द मरम्मत की मांग की है। दाहा नदी के किनारे करीब दर्जनभर स्लूइस गेट बदहाल स्थिति में हैं। रखरखाव न होने से ये गेट जर्जर हो चुके हैं और 2021 में भी कठतल गांव का गेट टूटने से बाढ़ का पानी फैल गया था।