SkyStriker का सटीक प्रहार: भारत-अमेरिका युध अभ्यास 2026 में दिखा दम

राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित 'युध अभ्यास 2026' के दौरान SkyStriker loitering munition ने अपनी मारक क्षमता का लोहा मनवाया है। भारतीय सेना ने जानकारी दी कि इस अत्याधुनिक हथियार ने वास्तविक युद्ध जैसे चुनौतीपूर्ण वातावरण में निर्धारित लक्ष्यों का पता लगाया, उन्हें निशाना बनाया और बेहद सटीकता के साथ प्रहार किया।
यह सफल परीक्षण आधुनिक युद्धक्षेत्र में स्वदेशी रक्षा तकनीक, सटीक प्रहार क्षमता और मानवरहित प्रणालियों (unmanned systems) की बढ़ती अहमियत को रेखांकित करता है।
तकनीक और ड्रोन आधारित युद्धकला पर विशेष ध्यान
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस युद्धाभ्यास का मुख्य उद्देश्य पहाड़ी और अर्ध-पहाड़ी इलाकों में 'इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स' के संचालन के लिए दोनों देशों की सेनाओं की संयुक्त क्षमता को बढ़ाना है। इसमें विशेष रूप से पैदल सेना (infantry) पर आधारित ऑपरेशनों पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
आज के दौर में युद्धक्षेत्र तेजी से ड्रोन और स्वायत्त प्रणालियों (autonomous systems) की ओर बढ़ रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, इस प्रशिक्षण में निगरानी और टोही कार्यों के लिए ड्रोन के उपयोग और समकालीन हथियार प्रणालियों के प्रदर्शन को प्रमुखता दी जा रही है।
भारतीय और अमेरिकी सैन्य शक्ति का संगम
इस युद्धाभ्यास के दौरान दोनों सेनाओं ने अपनी विविध क्षमताओं का प्रदर्शन किया। संयुक्त फायरिंग प्रदर्शन में कई घातक प्रणालियों को शामिल किया गया, जिससे दोनों देशों के बीच सामरिक तालमेल स्पष्ट रूप से दिखा:
- भारतीय सेना की ताकत: पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर, M777 अल्ट्रा-लाइट हाउइत्जर, धनुष आर्टिलरी सिस्टम,