सोन नदी बेसिन में पानी के बंटवारे पर बड़ी हलचल, राज्यों से मांगे गए आंकड़े

सोन नदी बेसिन में अतिरिक्त जल की उपलब्धता के पुनर्मूल्यांकन के लिए केंद्रीय जल आयोग ने राज्यों से महत्वपूर्ण आंकड़े मांगे हैं।

Ghazala Saheb28 October 20262 min read0 viewsBihar
सोन नदी बेसिन में पानी के बंटवारे पर बड़ी हलचल, राज्यों से मांगे गए आंकड़े

सोन नदी बेसिन में पानी की उपलब्धता और उसके भविष्य के बंटवारे को लेकर एक बहुत बड़ी प्रक्रिया शुरू हो गई है। केंद्रीय जल आयोग (CWC) ने बेसिन से जुड़े राज्यों से प्रमुख जल परियोजनाओं के महत्वपूर्ण और दीर्घकालिक आंकड़े मांगे हैं। यह कदम सोन बेसिन में अतिरिक्त पानी की उपलब्धता का फिर से आकलन करने के लिए उठाया गया है, जिससे आने वाले समय में जल वितरण के समीकरण बदल सकते हैं।

प्रमुख बांधों और परियोजनाओं के आंकड़े तलब

पुनर्मूल्यांकन की इस प्रक्रिया को पूरी तरह सटीक बनाने के लिए केंद्रीय जल आयोग ने राज्यों से कई बड़ी परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसमें इंद्रपुरी बराज, रिहंद बांध, बाणसागर बांध और ओबरा बांध जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल हैं।

आयोग ने राज्यों से निम्नलिखित जानकारी मांगी है:

  • परियोजनाओं के संचालन की शुरुआत से लेकर अब तक का इनफ्लो (अंतर्वाह)।
  • अतिरिक्त जल का बहाव (स्पिल)।
  • पानी के उपयोग से संबंधित दीर्घकालिक आंकड़े।

इन आंकड़ों को 10-दिवसीय श्रृंखला प्रारूप में उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा, भविष्य में प्रस्तावित होने वाली नई जल परियोजनाओं का पूरा विवरण भी मांगा गया है ताकि भविष्य की जरूरतों का सही अनुमान लगाया जा सके।

सांसद उपेंद्र कुशवाहा की पहल का असर

यह पूरी प्रक्रिया सांसद उपेंद्र कुशवाहा द्वारा केंद्रीय जल शक्ति मंत्री को लिखे गए पत्र के बाद तेज हुई है। कुशवाहा ने 26 अगस्त को पत्र लिखकर अनुरोध किया था कि वर्ष 1973 के बाणसागर एकरारनामा के तहत सोन बेसिन में उपलब्ध अतिरिक्त जल का फिर से आकलन किया जाए और राज्यों के बीच पानी का पुनर्निर्धारण किया जाए।

केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने राज्यसभा में इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि राज्यों से आवश्यक आंकड़े प्राप्त होने के बाद ही पुनर्मूल्यांकन का काम पूरा हो सकेगा। इसके बाद ही संबंधित राज्यों की सहमति से अतिरिक्त जल के बंटवारे की दिशा में आगे की कार्रवाई संभव हो पाएगी।

जमानिया पंप नहर योजना को लगा बड़ा झटका

एक तरफ जहां पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया को लेकर उम्मीदें जगी हैं, वहीं दूसरी ओर जमानिया पंप नहर योजना के लिए बुरी खबर आई है। आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराने के कारण इस परियोजना के प्रस्ताव को राज्य सरकार को वापस माना गया है।

केंद्रीय जल आयोग द्वारा बार-बार याद दिलाने और अनुस्मारक भेजने के बावजूद जरूरी जानकारी नहीं मिलने की वजह से इस प्रस्ताव को आयोग की समीक्षा सूची से भी हटा दिया गया है।

अब इस महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना को दोबारा पटरी पर लाने के लिए राज्य सरकार को आवश्यक डेटा और तकनीकी जानकारी जुटानी होगी।

Share:

Comments

Leave a comment