सोनपुर मेला: सुरक्षा से लेकर सुविधाओं तक, प्रशासन ने बनाया मास्टर प्लान!
विश्व प्रसिद्ध सोनपुर मेले के सफल आयोजन के लिए सारण प्रशासन ने उच्चस्तरीय बैठक की। सुरक्षा, यातायात और स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों की समीक्षा की गई।

विश्व प्रसिद्ध हरिहरनाथ सोनपुर मेले के सफल, सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित आयोजन को लेकर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। मेले की भव्यता और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव एवं वरीय पुलिस अधीक्षक रौशन कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें मेले की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई।
यातायात और सुरक्षा का कड़ा पहरा: SDRF की टीमें रहेंगी तैनात
मेले के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए प्रशासन ने विशेष रणनीति तैयार की है। जेपी सेतु पर यातायात को नियंत्रित करने के लिए महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस बल और दंडाधिकारियों की तैनाती के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से शनिवार और रविवार को तीनों पालियों में पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात रहेगा।
यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जाएंगे:
- संयुक्त योजना: पटना और वैशाली जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर संयुक्त यातायात योजना बनाई जाएगी और ट्रैफिक ड्रिल भी कराई जाएगी।
- वैकल्पिक मार्ग: किसी भी आपात स्थिति या वीआईपी मूवमेंट के दौरान एक घंटा पूर्व ही वैकल्पिक यातायात मार्ग लागू कर दिया जाएगा।
- घाटों पर सुरक्षा: सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पहलेजा घाट और कालीघाट पर SDRF की दो-दो टीमें तैनात की जाएंगी।
चकाचौंध से महकेगा मेला, सड़कों की भी होगी मरम्मत
मेला क्षेत्र को आकर्षक और रोशन बनाने के लिए नगर कार्यपालक पदाधिकारी को नोडल पदाधिकारी बनाया गया है। मंदिर प्रवेश द्वार से लेकर नखास क्षेत्र तक आकर्षक एलईडी और झालर लाइटें लगाई जाएंगी। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि 6 नवंबर तक सभी खराब स्ट्रीट लाइटों को दुरुस्त कर लिया जाए।
इसके साथ ही, श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए स्वच्छता और बुनियादी ढांचे पर भी ध्यान दिया जा रहा है। मेला परिसर में नियमित साफ-सफाई, पेयजल के लिए स्टैंड पोस्ट और सार्वजनिक शौचालयों के जीर्णोद्धार के निर्देश दिए गए हैं। ग्रामीण और पथ निर्माण विभागों को मेला क्षेत्र की सभी संपर्क सड़कों को तत्काल गड्ढामुक्त करने को कहा गया है।
स्वास्थ्य और पशु चिकित्सा की 24 घंटे रहेगी व्यवस्था
मेले में आने वाले श्रद्धालुओं और पशुओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं:
- स्वास्थ्य शिविर: श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 24×7 संचालित होने वाले सात अस्थायी स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे।
- एंबुलेंस सेवा: नौ अलग-अलग स्थानों पर एंबुलेंस की व्यवस्था की जाएगी।
- पशु चिकित्सा: पशु मेला बाजार में पेयजल, जल निकासी और 24 घंटे पशु चिकित्सा दल की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और 'मेला दर्पण' की शुरुआत
मेले के दौरान मनोरंजन और सूचना के प्रसार के लिए भी विशेष योजनाएं बनाई गई हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रमों, सोनपुर आइडल और प्रमंडल स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं की तैयारियों को समय पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा, मेले से संबंधित सभी संयुक्त आदेशों और महत्वपूर्ण सूचनाओं को आम जनता तक पहुँचाने के लिए 'मेला दर्पण' की शुरुआत की जाएगी। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पर्यटकों और श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुगम अनुभव प्रदान करना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।