सशस्त्र सीमा बल 21वीं वाहिनी द्वारा भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी रोकने के लिए दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

पश्चिम चम्पारण के बगहा में सशस्त्र सीमा बल 21वीं वाहिनी द्वारा भारत-नेपाल सीमा पर मानव तस्करी की रोकथाम को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया गया। यह कार्यशाला कमांडेंट तपेश्वर संबित राउत के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में शुरू हुई है। कार्यशाला की शुरुआत वाहिनी के कमांडेंट के स्वागत संबोधन के साथ हुई। कमांडेंट ने जवानों को सीमा पर तस्करी के बदलते तरीकों के प्रति सजग रहने और मानवीय दृष्टिकोण से काम करने के लिए प्रेरित किया।
इस कार्यशाला का संचालन जनशक्ति फाउंडेशन बगहा की संस्थापिका लक्ष्मी खत्री द्वारा किया गया। संचालन के दौरान मानव तस्करी से संबंधित पॉइंट प्रेजेंटेशन दी गई और वास्तविक कहानियों पर आधारित अनुभव साझा किए गए। जवानों को रोल प्ले गतिविधियों के माध्यम से प्रायोगिक प्रशिक्षण भी दिया गया।
इस आयोजन में बगहा के गणमान्य समाजसेवी और वरिष्ठ नागरिक भी शामिल हुए। इन प्रमुख लोगों में समाजसेवी सुषमा सिंह, समाजसेवी निपु पाठक, वरिष्ठ पत्रकार माधवेंद्र पांडे और जनशक्ति फाउंडेशन की संस्थापिका लक्ष्मी खत्री शामिल रहीं।
कार्यशाला के दौरान जवानों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी गई। जवानों को भ्रम बनाम वास्तविकता, पूछताछ में बरतने वाली सावधानियां, पीड़ित की पहचान की गोपनीयता और रेस्क्यू के बाद की कानूनी प्रक्रिया के बारे में विस्तार से बताया गया।
कार्यशाला के दूसरे दिन कई अन्य प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। इसमें मानव तस्करी से जुड़ी राज्य की स्थानीय एजेंसियों, जिला प्रशासन, पुलिस के मानव तस्करी निरोधी दस्ता, बाल संरक्षण इकाई और अन्य सहयोगी एजेंसियों के प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे ताकि सीमा पर रोकथाम और रेस्क्यू के बाद आपसी तालमेल को और मजबूत किया जा सके।