SSB अररिया: मुख्य आरक्षी रमेश रामदास को मिली शानदार विदाई
अररिया में SSB 52वीं वाहिनी के सैनिक सम्मेलन में मुख्य आरक्षी रमेश रामदास पोखरकर को सेवानिवृत्ति पर सम्मानित कर विदाई दी गई।

अररिया स्थित एसएसबी (SSB) 52वीं वाहिनी के मुख्यालय में रविवार को एक विशेष सैनिक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान जहां जवानों को देश की सुरक्षा और नई चुनौतियों के प्रति जागरूक किया गया, वहीं आरक्षी रमेश रामदास पोखरकर की विदाई का भावुक क्षण भी देखने को मिला।
राष्ट्र विरोधी गतिविधियों और साइबर सुरक्षा पर चर्चा
सैनिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए कमांडेंट मितुल कुमार ने जवानों को उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के प्रति आगाह किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि राष्ट्र विरोधी हरकतों के खिलाफ सैनिकों को हमेशा सजग और सतर्क रहना चाहिए। इसके अलावा, आधुनिक युग की चुनौतियों को देखते हुए जवानों को साइबर अपराधों से जुड़ी जानकारी भी दी गई, ताकि वे तकनीक के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी और खतरों से सुरक्षित रह सकें।
सीमा सुरक्षा पर विशेष निर्देश
देश की सीमाओं की संवेदनशीलता को देखते हुए कमांडेंट ने जवानों को विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि:
- भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाए।
- सीमावर्ती क्षेत्रों में होने वाली गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए।
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत उच्च अधिकारियों को दी जाए।
उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मान और सेवानिवृत्ति
सम्मेलन के दौरान बल के उन कार्मिकों को भी सम्मानित किया गया जिन्होंने अपने असाधारण कार्यों और समर्पण से बल का नाम रोशन किया है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले जवानों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर उनकी सराहना की गई।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में, मुख्य आरक्षी रमेश रामदास पोखरकर को उनकी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति पर सम्मानित किया गया। उन्हें विदाई देते हुए सभी अधिकारियों और जवानों ने उनके उज्जवल भविष्य की कामना की और उनकी समर्पित सेवाओं के लिए आभार व्यक्त किया।