एसएसबी बगहा: हिंदी पखवाड़े का समापन, अब साइबर सुरक्षा पर जोर

पश्चिम चंपारण के बगहा में एसएसबी (सशस्त्र सीमा बल) की 21वीं वाहिनी द्वारा आयोजित कार्यक्रमों की कड़ी में एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार किया गया। 21 सितंबर से शुरू हुआ हिंदी पखवाड़ा मंगलवार को संपन्न हुआ, जिसके साथ ही वाहिनी में राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह का भी शुभारंभ किया गया।
प्रतियोगिताओं के जरिए हिंदी का बढ़ाया मान
हिंदी पखवाड़े के दौरान राजभाषा हिंदी के प्रति जागरूकता और इसके प्रचार-प्रसार के लिए विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें जवानों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। आयोजित प्रतियोगिताओं में निम्नलिखित गतिविधियां शामिल थीं:
- निबंध लेखन: विचारों की अभिव्यक्ति के लिए।
- वाद-विवाद: तार्किक क्षमता को परखने के लिए।
- कविता पाठ: हिंदी साहित्य के प्रति प्रेम जगाने के लिए।
- हिंदी शब्दकोश प्रतियोगिता: भाषाई ज्ञान बढ़ाने के लिए।
समापन समारोह के दौरान वाहिनी के कमांडेंट तपेश्वर सांबित राउत ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने जवानों को प्रेरित करते हुए कहा कि सरकारी और दैनिक कार्यों में हिंदी का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए।
साइबर खतरों से बचाव के लिए दी गई महत्वपूर्ण जानकारी
हिंदी पखवाड़े के समापन के साथ ही वाहिनी में राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह की भी शुरुआत हुई। आज के डिजिटल युग में बढ़ते ऑनलाइन खतरों को देखते हुए जवानों को विशेष रूप से जागरूक किया गया।
कार्यक्रम के दौरान कमांडेंट ने साइबर सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की, जिसमें शामिल हैं:
- ऑनलाइन धोखाधड़ी से कैसे बचें।
- सोशल मीडिया का सुरक्षित उपयोग कैसे करें।
- डेटा सुरक्षा के लिए क्या सावधानियां बरतें।
कमांडेंट ने जवानों से अपील की कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और डिजिटल गतिविधियों के दौरान हमेशा सतर्क रहें। उन्होंने 'साइबर हाइजीन' अपनाने पर भी जोर दिया ताकि डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहा जा सके।
इस अवसर पर द्वितीय कमान अधिकारी सुरेश शर्मा, हिंदी अधिकारी एवं दंडपाल यशवंत कुमार, उप कमांडेंट सहित अन्य अधिकारी और जवान उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन सरकारी कार्यों में हिंदी के उपयोग और एक 'साइबर सुरक्षित भारत' बनाने के संकल्प के साथ हुआ।