SSB सुपौल: सांपों के रेस्क्यू और वन्यजीव संरक्षण का दिया गया प्रशिक्षण

Ghazala Saheb6 October 20262 min read0 viewsBihar
SSB सुपौल: सांपों के रेस्क्यू और वन्यजीव संरक्षण का दिया गया प्रशिक्षण

सुपौल के वीरपुर स्थित 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (SSB) मुख्यालय में मंगलवार को एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। वन्य प्राणी सप्ताह के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना और वन्यजीवों के संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना था। यह कार्यक्रम 45वीं वाहिनी के कमांडेंट गौरव सिंह के निर्देशन में संपन्न हुआ।

सांपों की पहचान और बचाव के गुर सिखाए

वन प्रमंडल, सुपौल द्वारा 02 अक्टूबर से 08 अक्टूबर तक मनाए जा रहे वन्य प्राणी सप्ताह के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में वन विभाग के प्रशिक्षकों ने एसएसबी के अधिकारियों और जवानों को महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न प्रजातियों के सांपों की पहचान, उनके व्यवहार और सांप दिखने की स्थिति में बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया गया।

विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि सांपों को देखकर घबराने या उन्हें मारने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाए रखना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम की सहायता से सांपों का सुरक्षित रेस्क्यू कर उन्हें उनके प्राकृतिक आवास में छोड़ना चाहिए। इससे न केवल मानव जीवन सुरक्षित रहता है, बल्कि जैव विविधता और पर्यावरणीय संतुलन भी बना रहता है।

सर्पदंश की स्थिति में क्या करें?

कार्यक्रम में केवल रेस्क्यू ही नहीं, बल्कि सर्पदंश की स्थिति में जीवन बचाने वाले प्राथमिक उपायों पर भी विशेष ध्यान दिया गया। वाहिनी मुख्यालय स्थित यूनिट हॉस्पिटल के सहायक कमांडेंट (मेडिकल) डॉ. विभूति प्रियदर्शी ने सर्पदंश के मामलों में तत्काल अपनाए जाने वाले आवश्यक प्राथमिक उपचारों की जानकारी साझा की।

उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि सर्पदंश की स्थिति में समय पर चिकित्सकीय सहायता लेना और सही चिकित्सा प्रक्रिया अपनाना कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों को जागरूक किया कि ऐसी स्थिति में घबराहट के बजाय धैर्य से काम लेना चाहिए और तुरंत अस्पताल पहुंचना चाहिए।

प्रशिक्षण में शामिल हुए अधिकारी और जवान

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में वन विभाग के रेंज ऑफिसर विजय प्रताप विक्रम सहित 45वीं वाहिनी के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। इनमें द्वितीय कमान अधिकारी जगदीश कुमार शर्मा, उप कमांडेंट प्रवीण कुमार कौशिक, और सहायक कमांडेंट जितेंद्र झा प्रमुख थे। इसके अलावा, बिहार पुलिस के प्रशिक्षणाधीन कार्मिकों ने भी इस सत्र में भाग लिया और स्नेक रेस्क्यू एवं राहत-बचाव से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी प्राप्त की।

अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि मानव जीवन की सुरक्षा के साथ-साथ वन्यजीवों का संरक्षण भी उतना ही अनिवार्य है। ऐसे कार्यक्रमों से सुरक्षा बलों को आपातकालीन स्थितियों में अधिक प्रभावी और सुरक्षित तरीके से कार्य करने में मदद मिलेगी।

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