सुपौल में एसएसबी की पहल: सीमावर्ती युवाओं के लिए 30 दिवसीय बेसिक कंप्यूटर ट्रेनिंग शुरू

Ghazala Saheb3 September 20262 min read22 viewsBihar
सुपौल में एसएसबी की पहल: सीमावर्ती युवाओं के लिए 30 दिवसीय बेसिक कंप्यूटर ट्रेनिंग शुरू

सुपौल में सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने और उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ने के लिए 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) बीरपुर की ओर से 30 दिवसीय बेसिक कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है।

  • प्रशिक्षण की शुरुआत: 3 सितंबर 2026 को कमांडेंट गौरव सिंह के मार्गदर्शन में आयोजन।
  • प्रशिक्षणदाता: आईटीआई बीरपुर के अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा दी जाएगी ट्रेनिंग।
  • मुख्य उद्देश्य: युवाओं को डिजिटल तकनीक और इंटरनेट की व्यावहारिक जानकारी देना।

कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत

सुपौल, 03 सितंबर: सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने और उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ने के उद्देश्य से 45वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), बीरपुर की ओर से 30 दिवसीय बेसिक कंप्यूटर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का आयोजन 3 सितंबर 2026 को कमांडेंट गौरव सिंह के मार्गदर्शन एवं नेतृत्व में नागरिक कल्याण कार्यक्रम के तहत किया गया।

युवाओं को मिलेगी डिजिटल तकनीक की जानकारी

प्रशिक्षण के दौरान सीमावर्ती क्षेत्र के चयनित युवाओं को कंप्यूटर के बुनियादी ज्ञान के साथ डिजिटल तकनीक, इंटरनेट तथा कंप्यूटर के व्यावहारिक उपयोग की जानकारी दी जाएगी। यह प्रशिक्षण आईटीआई, बीरपुर के कुशल एवं अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा प्रदान किया जाएगा।

कमांडेंट गौरव सिंह का संबोधन

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कमांडेंट गौरव सिंह ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में कंप्यूटर एवं तकनीकी ज्ञान प्रत्येक युवा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। युवाओं को प्रशिक्षण में नियमित रूप से उपस्थित होकर पूरी लगन और मेहनत के साथ सीखना चाहिए तथा प्रशिक्षण के दौरान हासिल ज्ञान का उपयोग अपने व्यावहारिक जीवन में करना चाहिए। उन्होंने प्रशिक्षकों से भी प्रशिक्षणार्थियों को गुणवत्तापूर्ण एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण देने का आह्वान किया।

कौशल विकास से बढ़ेगा युवाओं का आत्मविश्वास

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य सीमावर्ती क्षेत्र के युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम और आत्मनिर्भर बनाना है। कौशल विकास से युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप रोजगार तथा स्वरोजगार के नए अवसर हासिल करने के लिए तैयार होते हैं। कमांडेंट ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों का विकास केवल आधारभूत सुविधाओं तक सीमित नहीं है। वहां के युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना भी आवश्यक है।

एसएसबी के अन्य सामाजिक कार्य

45वीं वाहिनी एसएसबी, बीरपुर की ओर से सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा दायित्वों के निर्वहन के साथ नागरिक कल्याण, कौशल विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक उत्थान से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से सीमावर्ती लोगों के साथ एसएसबी के मैत्रीपूर्ण संबंधों को मजबूत करने के साथ उनके सर्वांगीण विकास में भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है। कार्यक्रम में उप कमांडेंट प्रवीण कुमार कौशिक, उप कमांडेंट हरजीत राव, निरीक्षक सुरेश चंद, उप निरीक्षक चमन सिंह, सहायक उप निरीक्षक एस. तोम्बा, आईटीआई बीरपुर के कोऑर्डिनेटर अशोक प्रसाद सिंह, ट्रेनर सौरभ, सचिन कुमार सहित अन्य बलकर्मी एवं प्रशिक्षणार्थी मौजूद रहे।

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