SSB सुपौल में गूंजे मां दुर्गा के जयकारे, विधि-विधान से हुई कलश स्थापना

सुपौल: शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर सुपौल स्थित सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के रिक्रूट प्रशिक्षण केंद्र में भक्ति और शक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। रविवार को केंद्र में पूरी श्रद्धा और धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ कलश स्थापना की गई।
उप महानिरीक्षक विजय सिंह के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में केंद्र के अधिकारियों, अधीनस्थ अधिकारियों, जवानों और प्रशिक्षुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इस दौरान पूरा परिसर मां दुर्गा के जयकारों से गुंजायमान हो उठा और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।
भक्तिमय वातावरण में हुई पूजा-अर्चना
कलश स्थापना के दौरान सभी धार्मिक परंपराओं और रीति-रिवाजों का विधिवत पालन किया गया। मंदिर परिसर में एक आध्यात्मिक माहौल बना रहा, जहाँ सभी ने अटूट श्रद्धा के साथ पूजा में भाग लिया। इस आयोजन की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित रहीं:
- अधिकारियों और जवानों ने मिलकर मां दुर्गा की आराधना की।
- धार्मिक परंपराओं के अनुसार विधि-विधान से कलश की स्थापना की गई।
- सभी ने मिलकर सुख, समृद्धि और खुशहाली के लिए प्रार्थना की।
राष्ट्र की सुरक्षा और खुशहाली के लिए प्रार्थना
इस विशेष अवसर पर केवल व्यक्तिगत सुख की ही कामना नहीं की गई, बल्कि राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना भी प्रकट की गई। एसएसबी के जवानों और अधिकारियों ने मां दुर्गा से राष्ट्र की सुरक्षा, उन्नति और अखंडता बनाए रखने का आशीर्वाद मांगा। इसके साथ ही सभी के उत्तम स्वास्थ्य, परिवार की खुशहाली और समाज में शांति बनाए रखने के लिए मंगलकामना की गई।
"ऐसे कार्यक्रमों से कार्मिकों एवं प्रशिक्षुओं के बीच आध्यात्मिक चेतना विकसित होती है और आपसी सद्भाव, एकता एवं अनुशासन को बढ़ावा मिलता है।"
सांस्कृतिक मूल्यों और अनुशासन का संगम
एसएसबी प्रशासन के अनुसार, इस तरह के धार्मिक आयोजन संगठन के भीतर सकारात्मक वातावरण बनाने में सहायक होते हैं। सामूहिक रूप से की गई इस पूजा से सदस्यों के बीच पारस्परिक जुड़ाव बढ़ता है। इस कार्यक्रम के माध्यम से निम्नलिखित उद्देश्यों को भी बल मिला:
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