गन्ना किसानों की बढ़ेगी आय: उन्नत तकनीक और जैविक खाद के सिखाए गुर

बेतिया के एचपीसीएल चीनी मिल परिसर में शुक्रवार को गन्ना किसानों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम और संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गन्ना पौध तकनीक के विस्तार के माध्यम से किसानों को कम लागत में अधिक पैदावार हासिल करने के वैज्ञानिक तरीके सिखाना था।
उन्नत खेती और वैज्ञानिक तरीकों पर जोर
कार्यक्रम के दौरान गन्ना उद्योग विभाग और चीनी मिल के अधिकारियों ने किसानों को खेती के आधुनिक तरीकों की विस्तृत जानकारी दी। विशेषज्ञों ने बताया कि कैसे सही तकनीक अपनाकर गन्ने की खेती को अधिक लाभकारी बनाया जा सकता है। प्रशिक्षण में निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई:
- उन्नत बीज का चयन: अधिक पैदावार सुनिश्चित करने के लिए सही किस्म के बीजों का चुनाव।
- खेत की तैयारी और पंजीकरण: बुवाई से पहले खेत की सही तैयारी और सरकारी पंजीकरण की प्रक्रिया।
- मिट्टी की जांच: मिट्टी की उर्वरता और पोषक तत्वों को जानने के लिए नियमित जांच का महत्व।
- खाद का सही उपयोग: फसल की आवश्यकता के अनुसार खाद की सटीक मात्रा का इस्तेमाल।
- रोग नियंत्रण: फसल में लगने वाले विभिन्न रोगों से बचाव के प्रभावी उपाय।
सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ
किसानों को सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न लाभकारी योजनाओं के बारे में भी जागरूक किया गया। इसमें मुख्यमंत्री गन्ना विकास योजना और गन्ना यंत्रीकरण योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके अलावा, कृषि यंत्रों की खरीद पर मिलने वाले अनुदान (सब्सिडी) के बारे में भी बताया गया ताकि किसान आधुनिक मशीनों का उपयोग कर अपनी मेहनत और लागत को कम कर सकें।
जैविक खेती से बढ़ेगी मिट्टी की ताकत
कार्यक्रम में जबलपुर स्थित टीसीबीटी जैविक किसान केंद्र से आए विशेषज्ञ दीप चंद्र सूर्यवंशी ने किसानों को जैविक खेती की ओर प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करने और मिट्टी की उपजाऊ शक्ति को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए जैविक खाद बनाना कितना आवश्यक है। उन्होंने जैविक खाद बनाने की विधि और खेतों में उसके सही इस्तेमाल के बारे में भी विस्तार से समझाया।
इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिक बीके सिंह, गन्ना प्रसार पदाधिकारी रंजन कुमार, हरिश्चंद्र श्रीवास्तव, अजय तिवारी, डीके पाठक, एसपी पांडेय, जितेंद्र विश्वकर्मा और दीनानाथ प्रसाद सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन दीपक पटेल द्वारा किया गया। इस संगोष्ठी में अनिल कुमार, राम शर्मा, पिंटू कुमार, जय मोहन प्रसाद, उमेश सिंह और उपेंद्र कुमार सहित बड़ी संख्या में स्थानीय किसानों ने हिस्सा लिया।