सुकमारपुर में सजेगा अध्यात्म का महाकुंभ, 5-6 नवंबर को होगा विराट सत्संग

सुपौल के सुकमारपुर में 5-6 नवंबर को दो दिवसीय विराट संतमत सत्संग ध्यान अधिवेशन का आयोजन होगा। स्वामी सत्यानन्द जी महाराज देंगे प्रवचन।

Ghazala Saheb22 October 20262 min read0 viewsBihar
सुकमारपुर में सजेगा अध्यात्म का महाकुंभ, 5-6 नवंबर को होगा विराट सत्संग

सुपौल: बिहार के सुपौल जिले के नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत सुकमारपुर में आगामी 5 एवं 6 नवंबर 2026 को अध्यात्म की एक बड़ी लहर देखने को मिलेगी। यहाँ दो दिवसीय विराट संतमत सत्संग ध्यान अधिवेशन का भव्य आयोजन किया जा रहा है, जिसकी तैयारियों ने अब जोर पकड़ लिया है। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए आयोजन समिति पूरी तरह से मुस्तैद है।

मानवता और शांति का संदेश देगा यह आयोजन

अखिल भारतीय संतमत सत्संग महासभा के सदस्य सह जिला संतमत सत्संग समिति, सुपौल के सहायक मंत्री डॉ. अमन कुमार ने बताया कि इस अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य संत शिरोमणि सद्गुरु महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के मानवतावादी, शांति एवं आत्मकल्याणकारी विचारों को जन-जन तक पहुँचाना है।

वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज के समय में समाज में जिस तरह का तनाव, नशे की प्रवृत्ति और अशांति बढ़ रही है, उसके बीच संतमत का ध्यान-योग और सत्संग लोगों को मानसिक शांति और आत्मिक कल्याण का मार्ग दिखा सकता है। ऐसे आयोजनों से लोगों को आध्यात्मिक चेतना, सदाचार और मानवीय मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है।

स्वामी सत्यानन्द जी महाराज करेंगे मार्गदर्शन

इस विराट अधिवेशन में महर्षि मेंहीं आश्रम, हरिद्वार के अंतरराष्ट्रीय संतमत प्रवक्ता परम पूज्य स्वामी सत्यानन्द जी महाराज मुख्य प्रवचनकर्ता के रूप में शामिल होंगे। उनके प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को ध्यान की सरल विधि, सत्संग का महत्व और महर्षि मेंहीं परमहंस जी महाराज के अमृत वचनों की गहराई से जानकारी दी जाएगी।

कार्यक्रम की रूपरेखा और समय सारणी

दो दिवसीय इस अधिवेशन के दौरान प्रतिदिन दो मुख्य सत्र आयोजित किए जाएंगे:

  • प्रातः सत्र: सुबह छह बजे से ध्यान, भजन, सत्संग एवं प्रवचन।
  • अपराह्न सत्र: दोपहर दो बजे से सत्संग एवं प्रवचन कार्यक्रम।

तैयारियों के लिए समितियों का गठन

आयोजन को व्यवस्थित और भव्य बनाने के लिए आयोजन समिति के अध्यक्ष एवं वार्ड पार्षद शिवराम यादव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अधिवेशन की रूपरेखा तय करते हुए विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गईं। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कई उपसमितियों का गठन किया गया है, जो निम्नलिखित कार्यों को संभालेंगी:

  • प्रचार-प्रसार और मंच व्यवस्था
  • पंडाल निर्माण और अतिथियों का स्वागत
  • जलपान एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं

बैठक में पूर्व मुख्य पार्षद जगदीश प्रसाद यादव, महात्मा बेचन यादव, अभिनारायण यादव, जनार्दन यादव, संजय यादव सहित दर्जनों सत्संग प्रेमी उपस्थित थे। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं और सत्संग प्रेमियों से इस आध्यात्मिक महाकुंभ में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है।

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