कला और संगीत संस्कृति की आत्मा: सुपौल में जिला स्तरीय कला उत्सव शुरू
सुपौल के टीसी हाईस्कूल में जिला स्तरीय कला उत्सव 2026 शुरू हुआ। डीईओ संग्राम सिंह ने कला और संगीत को संस्कृति की आत्मा बताया।

सुपौल: जिले के टीसी हाईस्कूल के सभागार में मंगलवार को जिला स्तरीय कला उत्सव 2026 का भव्य शुभारंभ हुआ। जिला समग्र शिक्षा विभाग (एसएसए) की ओर से आयोजित इस प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) संग्राम सिंह ने किया।
कला और संगीत से सजेगी संस्कृति
इस अवसर पर विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए डीईओ संग्राम सिंह ने कहा कि कला और संगीत हमारी संस्कृति की आत्मा हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि कला उत्सव न केवल विद्यार्थियों की प्रतिभा को प्रदर्शित करने का एक मंच है, बल्कि यह अपनी कला, परंपरा और लोकसंस्कृति को सहेजने और संजोने का भी एक अत्यंत महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए निर्णायक मंडल को सभी प्रतियोगियों का निष्पक्षता के साथ मूल्यांकन करने का निर्देश दिया।
दो दिनों तक चलेगा प्रतियोगिताओं का महाकुंभ
जिला संयोजक नंदलाल पासवान ने बताया कि इस वर्ष प्रतिभागियों की संख्या काफी अधिक है, जिसे देखते हुए प्रतियोगिता को दो दिनों तक आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
प्रतियोगिता का कार्यक्रम:
- पहला दिन: मंगलवार को शास्त्रीय एवं उपशास्त्रीय गायन, शास्त्रीय नृत्य, समूह लोकगीत और वादन सहित कुल सात विभिन्न विधाओं में प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं।
- दूसरा दिन: बुधवार को शेष पांच विधाओं में मुकाबले आयोजित किए जाएंगे।
इस उत्सव में कुल 12 विधाओं के माध्यम से बच्चों की कला को परखा जा रहा है। प्रत्येक विधा में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा, जिन्हें राज्य स्तरीय कला उत्सव में अपनी प्रतिभा दिखाने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
विशेषज्ञों का निर्णायक मंडल
प्रतियोगिता के सफल और निष्पक्ष संचालन के लिए जिले के अनुभवी संगीत एवं कला शिक्षकों को निर्णायक मंडल में शामिल किया गया है। इस मंडल में रामू अवस्थी, मुकेश मिलन, कन्हैया कुमार कन्हैया, कुंदन कुमार सिंह, हेमकांत कुमार हंस, रौशन कुमार, प्रमोद कुमार पोद्दार, शम्भू कुमार मंडल, सुमित कुमार सिंह, रचना कुमारी, रितु कुमारी, किरण मिश्र, सुमन कुमार राय, ललित कुमार, अंगद कुमार एवं सुदर्शन कुमार सिंह जैसे विशेषज्ञ मौजूद हैं।