गांधी जयंती: सुपौल कोर्ट में स्वच्छता अभियान, सफाईकर्मियों का बढ़ा मान

Ghazala Saheb2 October 20262 min read0 viewsBihar
गांधी जयंती: सुपौल कोर्ट में स्वच्छता अभियान, सफाईकर्मियों का बढ़ा मान

सुपौल: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर सुपौल में स्वच्छता का एक प्रेरक संदेश दिया गया। स्वच्छ भारत अभियान के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में सिविल कोर्ट परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में एक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस कार्यक्रम की खास बात यह रही कि इसमें न्यायिक अधिकारियों ने केवल निर्देश नहीं दिए, बल्कि खुद झाड़ू थामकर श्रमदान किया।

न्यायाधीश ने खुद किया श्रमदान, दिया स्वच्छता का संदेश

इस पूरे अभियान का नेतृत्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष राजेश कुमार बच्चन ने किया। उन्होंने न्यायिक पदाधिकारियों और न्यायालय कर्मियों के साथ मिलकर स्वयं सफाई की और स्वच्छता का महत्व समझाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक स्वच्छ परिसर और स्वस्थ वातावरण का निर्माण करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

इस अभियान में न्यायिक जगत के कई प्रमुख चेहरे सक्रिय रूप से शामिल हुए, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:

  • मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी रामचन्द्र प्रसाद
  • जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अमित गौरव
  • मुंसिफ सुदीप पाण्डेय
  • न्यायिक दंडाधिकारी प्रकाश आनंद और अमन कुमार
  • न्यायालय के प्रधान लिपिक दिनेश जायसवाल और नाजिर सर्वेश झा

सफाईकर्मियों के सम्मान में आयोजित हुआ विशेष समारोह

सफाई अभियान के समापन के बाद, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन सफाईकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करना था, जो दिन-रात मेहनत करके न्यायालय परिसर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखते हैं।

"महात्मा गांधी के स्वच्छता संबंधी विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत हैं। स्वच्छता किसी एक व्यक्ति या विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी का सामूहिक दायित्व है। न्यायालय परिसर को स्वच्छ रखने में सफाईकर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।"
— राजेश कुमार बच्चन, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश

समारोह के दौरान न्यायाधीश राजेश कुमार बच्चन ने सफाईकर्मियों को सम्मानित करते हुए कहा कि उनके योगदान को पहचानना और उन्हें सम्मान देना पूरे समाज की जिम्मेदारी है।

स्वच्छता को जीवन का हिस्सा बनाने का लिया संकल्प

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव अमित गौरव ने इस अवसर पर कहा कि स्वच्छता एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। उन्होंने कहा कि एक स्वच्छ न्यायालय परिसर न केवल स्वास्थ्यवर्धक वातावरण प्रदान करता है, बल्कि यहाँ आने वाले आम नागरिकों को भी स्वच्छता के प्रति सकारात्मक संदेश देता है।

कार्यक्रम के अंत में, सभी न्यायिक पदाधिकारियों, कर्मचारियों और सफाईकर्मियों ने एक साथ मिलकर यह संकल्प लिया कि वे स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएंगे और एक स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण में निरंतर अपना योगदान देंगे।

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