सुपौल में कांग्रेस ने किया हल्द्वानी घटना का विरोध, कहा- शुद्धिकरण के नाम पर छुआछूत स्वीकार नहीं

सुपौल में जिला कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग की बैठक आयोजित की गई। हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के साथ हुई कथित अपमानजनक घटना के विरोध में यह बैठक रविवार को हुई। बैठक में “शुद्धिकरण—छुआछूत का दूसरा नाम” के संदेश के साथ सामाजिक भेदभाव और जातिवादी मानसिकता के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया। इस बैठक में अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष सुरेश चौपाल, जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुपम सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
संविधान की मूल भावना का अपमान
जिला कांग्रेस अध्यक्ष अनुपम ने कहा कि जाति के आधार पर किसी व्यक्ति के साथ भेदभाव करना और शुद्धिकरण जैसी सोच को बढ़ावा देना संविधान की मूल भावना का अपमान है। महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर ने समानता और सामाजिक समरसता वाले भारत का सपना देखा था। ऐसे भारत में जाति के आधार पर किसी व्यक्ति को छोटा-बड़ा मानने की कोई जगह नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सामाजिक न्याय, समानता और दलित-वंचित समाज के सम्मान की लड़ाई लगातार लड़ती रही है और पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी।
हल्द्वानी की घटना और विरोध
अनुसूचित जाति विभाग के जिलाध्यक्ष सुरेश चौपाल ने कहा कि किसी व्यक्ति के स्थान पर जाने के बाद शुद्धिकरण किया जाना मानवीय गरिमा पर प्रहार है। उन्होंने बताया कि 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली हुई थी और इसके दो दिन बाद भाजपा समर्थित तत्वों द्वारा स्थल पर गंगाजल का छिड़काव कर शुद्धिकरण कराया गया। खरगे ने 13 अगस्त को इस मुद्दे को संसद में उठाया था। 25 अगस्त को भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा कथित शुद्धिकरण का बचाव किए जाने के बाद कांग्रेस का विरोध और तेज हुआ। बैठक में उपस्थित लोगों ने सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।