राज्यकर्मी का दर्जा चाहिए! सुपौल में डाटा एंट्री ऑपरेटरों का हल्ला बोल

सुपौल में बेल्ट्रॉन कर्मियों ने राज्यकर्मी का दर्जा देने की मांग को लेकर रोड मार्च निकाला और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

Ghazala Saheb1 November 20262 min read0 viewsBihar
राज्यकर्मी का दर्जा चाहिए! सुपौल में डाटा एंट्री ऑपरेटरों का हल्ला बोल

सुपौल में रविवार को बिहार राज्य डाटा एंट्री ऑपरेटर संयुक्त मोर्चा के बैनर तले कर्मियों ने सड़कों पर उतरकर अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। डाटा एंट्री ऑपरेटर राज्यकर्मी दर्जा की मांग को लेकर आयोजित इस रोड मार्च में जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कर्मियों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा।

गांधी मैदान से लोहिया नगर तक गूंजे नारे

जिला अध्यक्ष गुंजन कुमार और सचिव अमित कुमार सिंह के नेतृत्व में यह मार्च गांधी मैदान से शुरू हुआ। यह मार्च लोहिया नगर होते हुए निर्धारित मार्ग से गुजरा। इस प्रदर्शन में केवल डाटा एंट्री ऑपरेटर ही नहीं, बल्कि प्रोग्रामर, स्टेनोग्राफर और आईटी से जुड़े लड़के-लड़कियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। मार्च के समापन के बाद, संयुक्त मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री और सूचना प्रावैधिकी मंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

25 वर्षों से दे रहे हैं सेवाएं, फिर भी दर्जा नहीं

प्रदर्शन के दौरान जिला अध्यक्ष गुंजन कुमार ने सरकार का ध्यान खींचते हुए कहा कि बेल्ट्रॉन के माध्यम से पिछले लगभग 25 वर्षों से राज्य के विभिन्न विभागों में करीब 20 हजार कर्मी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने प्रमुख तर्क इस प्रकार रखे:

  • ये कर्मी विभागीय टंकण, लिपिकीय और आईटी से जुड़े सभी महत्वपूर्ण ऑनलाइन कार्यों को नियमित रूप से संभाल रहे हैं।
  • कई पदों के समाप्त होने के बाद अब इन कार्यों का पूरा बोझ इन्हीं कर्मियों पर है।
  • कर्मियों की दक्षता परीक्षा ली जा चुकी है और बिपार्ड के माध्यम से उन्हें आवासीय प्रशिक्षण भी दिया गया है।
  • कर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा देने से सरकार पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा, क्योंकि वर्तमान में भी सेवा शुल्क और जीएसटी के रूप में राशि का भुगतान किया जाता है।
"हम मांग करते हैं कि बेल्ट्रॉन के माध्यम से नियुक्त सभी कर्मियों को राज्यकर्मी का दर्जा दिया जाए और सूचना प्रावैधिकी विभाग को इस प्रक्रिया के लिए नोडल विभाग घोषित किया जाए।"

आंदोलन की चेतावनी: हड़ताल और काला बिल्ला

संयुक्त मोर्चा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो वे चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। इसमें महाधरना, काला बिल्ला लगाकर विरोध और हड़ताल जैसे कदम उठाए जाएंगे। मोर्चा ने कहा कि यदि आंदोलन के कारण सरकारी कामकाज प्रभावित होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

इस मौके पर चंदन कुमार सिंह, माधव कुमार, ओबेश आलम, घनश्याम कुमार, सोनू कुमार, शुभम कुमार, शशि कुमार, अमरेंद्र कुमार, ललित कुमार, दीपक कुमार, अनुज कुमार, शेखर कुमार, देव शंकर, अमन आकाश, राजू कुमार, श्वेता कुमारी, रंजन कुमारी, निक्की कुमारी, अनिल कुमार सहित बड़ी संख्या में कर्मी उपस्थित थे।

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