देवीपट्टी में स्वच्छता अभियान का जायजा, डीडीसी ने कचरा प्रबंधन पर दिए निर्देश

सुपौल जिले के दिनापट्टी पंचायत में स्वच्छता की स्थिति को परखने के लिए उप विकास आयुक्त (DDC) इंद्रवीर कुमार ने देवीपट्टी गांव का दौरा किया। गुरुवार को आयोजित इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्वच्छता अभियान और कायाकल्प अभियान के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति का बारीकी से अवलोकन किया।
अपशिष्ट प्रबंधन और स्वच्छता मानकों की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने पंचायत में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित पहलुओं का मौके पर सत्यापन किया:
- खुले में शौच से मुक्ति: पंचायत में स्वच्छता के स्थायित्व की जांच की गई।
- ठोस और तरल अपशिष्ट प्रबंधन: कचरा निपटान की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।
- कायाकल्प अभियान: पंचायत में संचालित इस अभियान की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई।
अपशिष्ट प्रबंधन इकाई का निरीक्षण करते हुए डीडीसी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कचरा संग्रहण के साथ-साथ उसके उचित पृथक्करण (Segregation) और निपटान पर भी विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि स्वच्छता व्यवस्था को स्थायी बनाने के लिए कचरे का सही तरीके से प्रबंधन करना अनिवार्य है।
विद्यालय का निरीक्षण और सरकारी योजनाओं की समीक्षा
गांव के भ्रमण के दौरान उप विकास आयुक्त ने देवीपट्टी स्थित विद्यालय का भी दौरा किया। उन्होंने विद्यालय की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और गांव में लागू विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति जानी। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों से योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
केवल कचरा संग्रहण तक सीमित रहने के बजाय उसके उचित पृथक्करण, प्रबंधन और निष्पादन की व्यवस्था को प्रभावी बनाना जरूरी है। इससे स्वच्छता व्यवस्था को स्थायी रूप से बनाए रखने में मदद मिलेगी।
जनभागीदारी और जागरूकता पर जोर
डीडीसी ने इस बात पर बल दिया कि स्वच्छता अभियान की सफलता के लिए सामुदायिक सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्थानीय लोगों से संवाद करते हुए उनसे अपील की कि वे गांव को साफ-सुथरा रखने में सहयोग करें और कचरा खुले में न फेंकें।
उन्होंने लोगों को स्वच्छता सेवाओं के प्रति जागरूक करने और नियमित रूप से उपयोगकर्ता शुल्क का भुगतान करने के लिए भी प्रेरित किया। अधिकारियों का मानना है कि सामुदायिक सहयोग से ही गांव को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के अभियान को स्थायी रूप से सफल बनाया जा सकता है।
इस मौके पर निदेशक आशुतोष कुमार, जिला समन्वयक सोनम कुमारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी अमरेंद्र पंडित सहित संबंधित पदाधिकारी और कर्मी उपस्थित थे।