सुपौल में दिव्यांगों के चेहरे खिले, 70 से ज्यादा को मिले सहायक उपकरण
सुपौल में सांसद दिलेश्वर कामैत की मौजूदगी में 70 से अधिक दिव्यांगों को एडिप योजना के तहत सहायक उपकरण वितरित किए गए।

बिहार के सुपौल जिले में दिव्यांगजनों के जीवन को सुगम और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। सदर प्रखंड स्थित बुनियाद केंद्र परिसर में बुधवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें 70 से अधिक दिव्यांगजनों को सहायक उपकरणों का वितरण किया गया।
सांसद दिलेश्वर कामैत की मौजूदगी में हुआ वितरण
इस कार्यक्रम की अध्यक्षता सांसद दिलेश्वर कामैत ने की। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन सांसद और उप विकास आयुक्त इंद्रवीर कुमार ने अन्य अतिथियों के साथ मिलकर दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सांसद ने दिव्यांगजनों के कल्याण के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
एडिप योजना से मिलेगी आत्मनिर्भरता की शक्ति
दिव्यांगजनों को मिलने वाले ये उपकरण केंद्र सरकार की एडिप (ADIP) योजना के अंतर्गत दिए गए हैं। इस योजना का मुख्य उद्देश्य दिव्यांगजनों की कार्यक्षमता को बढ़ाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित इस योजना के माध्यम से एलिम्को (ALIMCO) कंपनी की मदद से निम्नलिखित उपकरण मुहैया कराए जाते हैं:
- व्हीलचेयर
- श्रवण यंत्र (Hearing Aids)
- कृत्रिम अंग
- बैसाखी और स्मार्ट केन
- विशेष शिक्षण सामग्री
"सहायक उपकरण दिव्यांगजनों की दैनिक गतिविधियों को आसान बनाने के साथ-साथ उनके सामाजिक जीवन में भागीदारी बढ़ाने में भी बेहद मददगार साबित होते हैं।" — दिलेश्वर कामैत
जो शामिल नहीं हो सके, वे भी ले सकते हैं सहायता
कार्यक्रम के दौरान सांसद दिलेश्वर कामैत ने एक महत्वपूर्ण आश्वासन भी दिया। उन्होंने कहा कि यदि किसी दिव्यांगजन का नाम वितरण सूची में दर्ज है, लेकिन वे किसी कारणवश इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाए हैं, तो वे निराश न हों। ऐसे लाभार्थी अपनी सुविधानुसार किसी भी समय बुनियाद केंद्र पहुंचकर अपना सहायक उपकरण प्राप्त कर सकते हैं।
इस गरिमामयी कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त इंद्रवीर कुमार, प्रभारी सहायक निदेशक दिव्यांगजन दिवेश कुमार शर्मा, एलिम्को के प्रतिनिधि नंदन यादव, जदयू जिलाध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद यादव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।