सुपौल: जिला सहकारी बैंक की सातवीं आमसभा, मुनाफे और जीरो NPA पर चर्चा

सुपौल के सहकार भवन में जिला केंद्रीय सहकारी बैंक लिमिटेड की सातवीं वार्षिक आमसभा का भव्य आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में उप विकास आयुक्त इंद्रवीर कुमार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए शेयरधारक सदस्यों के साथ-साथ कई सदस्यों ने ऑनलाइन माध्यम से भी अपनी भागीदारी सुनिश्चित की।
वित्तीय मजबूती और बढ़ता मुनाफा
बैंक के प्रबंध निदेशक दीपक कुमार ने आमसभा के दौरान बैंक के आय-व्यय का विस्तृत लेखा-जोखा प्रस्तुत किया, जिसे सदस्यों ने सर्वसम्मति से अनुमोदन प्रदान किया। प्रबंध निदेशक ने बैंक की वित्तीय प्रगति और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए एक बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि बैंक में वर्तमान में कोई भी नॉन परफॉर्मिंग एसेट (NPA) नहीं है, जो बैंक की बेहद मजबूत वित्तीय स्थिति को दर्शाता है। इसके साथ ही बैंक के मुनाफे में वृद्धि और बैंक की ग्रेडिंग संतोषजनक रहने की बात भी सदस्यों के सामने रखी गई।
पैक्स और खाद आवंटन पर हुई चर्चा
बैठक केवल बैंक की प्रगति तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि शेयरधारकों ने पैक्स (PACS) से जुड़ी जमीनी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया। सदस्यों ने निम्नलिखित विषयों पर विस्तार से चर्चा की और अपनी मांगें रखीं:
- खाद का उचित आवंटन सुनिश्चित करना।
- पैक्स के कार्यों का विस्तार करना।
- पैक्स अध्यक्षों का चुनाव और कर्मियों का वेतन।
- लाभांश प्रमाण पत्र का वितरण।
- समय पर राशि उपलब्ध कराना और समानुपातिक लक्ष्य निर्धारित करना।
शेयरधारकों ने अपने-अपने क्षेत्रों की विशिष्ट समस्याओं और सुझावों को भी बैंक प्रबंधन के समक्ष मजबूती से रखा।
समस्याओं के समाधान का मिला भरोसा
उप विकास आयुक्त इंद्रवीर कुमार ने शेयरधारकों की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि सहकारी बैंक के प्रति लोगों का बढ़ता विश्वास वित्तीय अनुशासन का एक बड़ा प्रतीक है। उन्होंने बैठक में उठाए गए विभिन्न मुद्दों पर गंभीरता से विचार करने और आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त द्वारा उपस्थित शेयरधारकों के बीच प्रमाण पत्र भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में बैंक के सहायक प्रबंध निदेशक सहित कई पदाधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।