सुपौल: कुनौली में डीएम-एसपी का पैदल मार्च, सुरक्षा का लिया जायजा
सुपौल के कुनौली में डीएम सावन कुमार और एसपी शरथ आरएस ने पैदल मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और जनता को शांति का भरोसा दिया।

सुपौल जिले के कुनौली थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने सक्रियता दिखाई है। जिले के जिलाधिकारी सावन कुमार और पुलिस अधीक्षक शरथ आरएस ने संयुक्त रूप से कुनौली क्षेत्र में पैदल मार्च किया। इस कदम का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति का बारीकी से निरीक्षण करना और आम जनता के बीच सुरक्षा का भाव पैदा करना था।
सुरक्षा व्यवस्था का जमीनी निरीक्षण
पैदल मार्च के दौरान दोनों वरीय अधिकारियों ने कुनौली थाना क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था के मौजूदा इंतजामों को देखा और अधिकारियों से क्षेत्र की वर्तमान स्थिति की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम मौजूद हैं और किसी भी संभावित चुनौती से निपटने के लिए प्रशासन तैयार है।
स्थानीय लोगों से सीधा संवाद
इस पैदल मार्च की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि अधिकारियों ने केवल निरीक्षण ही नहीं किया, बल्कि स्थानीय निवासियों के साथ सीधा संवाद भी स्थापित किया। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने ग्रामीणों से मिलकर उनकी समस्याओं को सुना और क्षेत्र की सुरक्षा से जुड़ी उनकी चिंताओं को समझा। अधिकारियों ने आम लोगों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जिले में शांति बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
पुलिस बल को दिए गए सख्त निर्देश
भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने मौके पर तैनात पुलिस पदाधिकारियों और पुलिसकर्मियों को भी कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता में किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों ने पुलिस बल को निम्नलिखित निर्देश दिए:
- नियमित गश्ती: पुलिसकर्मी क्षेत्र में नियमित रूप से गश्त करें ताकि अपराधियों में भय बना रहे।
- सतर्कता: सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए हर समय सतर्क रहें।
- शांति व्यवस्था: विधि-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए आवश्यक सभी कदम तुरंत उठाए जाएं।
प्रशासन के इस कदम से स्थानीय लोगों में सुरक्षा को लेकर सकारात्मक संदेश गया है।