सुपौल में महिला पर्यवेक्षकों के सेक्टर बदलाव का आदेश रद्द, सीडीपीओ से 24 घंटे में मांगा गया स्पष्टीकरण

सुपौल में बाल विकास परियोजना के तहत कार्यरत महिला पर्यवेक्षकों के सेक्टर परिवर्तन का मामला तूल पकड़ने के बाद बड़ा आदेश सामने आया है। सदर प्रखंड में महिला पर्यवेक्षकों के सेक्टर में हुए बदलाव के आदेश को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। इस संबंध में बाल विकास परियोजना कार्यालय की ओर से नया निर्देश जारी किया गया है।
जन सुराज पार्टी के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में एक सात सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने जिला पदाधिकारी से मिलकर हस्तक्षेप की मांग की थी। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया था कि अगस्त माह में सदर प्रखंड की महिला पर्यवेक्षकों के सेक्टर में बदलाव कर दिया गया था। जारी आदेश में कहा गया है कि सेक्टर परिवर्तन से पहले प्रशासनिक आवश्यकता और स्पष्ट औचित्य का परीक्षण किया जाना जरूरी था।
बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, सुपौल सदर को निर्देश दिया गया है कि वे सेक्टर परिवर्तन की आवश्यकता के स्पष्ट कारण के साथ 24 घंटे के अंदर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। तय समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस मामले की पूरी जिम्मेदारी संबंधित पदाधिकारी की होगी।
विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगले आदेश तक पूर्व से चली आ रही सेक्टर व्यवस्था ही यथावत लागू रहेगी। इस आदेश की प्रतियां सदर प्रखंड की सभी महिला पर्यवेक्षिकाओं, सीडीपीओ, डीडीसी, डीएम और आईसीडीएस निदेशालय बिहार पटना को भेज दी गई हैं। जन सुराज पार्टी के जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह ने इस मामले में पारदर्शिता और नियमों का पालन करने की बात कही है।