सुपौल: 2 अक्टूबर को ग्राम सभा और सुधार उत्सव, डीडीसी ने दिए निर्देश

Ghazala Saheb1 October 20262 min read3 viewsBihar
सुपौल: 2 अक्टूबर को ग्राम सभा और सुधार उत्सव, डीडीसी ने दिए निर्देश

सुपौल जिले की सभी ग्राम पंचायतों में आगामी 2 अक्टूबर को आयोजित होने वाले ग्राम सभा और सुधार उत्सव की तैयारियों को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। गुरुवार को उप विकास आयुक्त (DDC) इंद्रवीर कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिले के विभिन्न अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जिले के प्रत्येक पंचायत में यह कार्यक्रम सुव्यवस्थित और प्रभावी ढंग से संपन्न हो सके।

अधिकारियों को व्यवस्था बनाए रखने के सख्त निर्देश

बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO), प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि सभी अधिकारी विभागीय दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए ग्राम सभा और सुधार उत्सव का सफल आयोजन सुनिश्चित करें।

डीडीसी ने अधिकारियों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण निर्देश दिए:

  • कार्यक्रम के दौरान निर्धारित की गई सभी गतिविधियों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
  • प्रत्येक अधिकारी अपने क्षेत्र की तैयारियों की लगातार निगरानी करें ताकि आयोजन के दिन किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
  • पंचायत स्तर पर अधिकारियों, कर्मियों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए।

दस्तावेजीकरण और रिपोर्टिंग पर जोर

कार्यक्रम की पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए डीडीसी ने दस्तावेजीकरण पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि सुधार उत्सव के दौरान होने वाली प्रत्येक गतिविधि का समुचित रिकॉर्ड रखा जाना चाहिए। सभी आवश्यक जानकारी और अभिलेखों को व्यवस्थित रूप से संधारित किया जाए और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर रिपोर्ट भेजी जाए।

"ग्राम सभा ग्रामीण विकास योजनाओं और स्थानीय जरूरतों से जुड़े विषयों पर चर्चा करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। इसलिए इसके आयोजन में पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी बरती जाए।"

बैठक में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के निदेशक, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, अपर जिला पंचायत राज पदाधिकारी और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी भी उपस्थित थे। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे जनप्रतिनिधियों के सहयोग से इस उत्सव को एक जन-आंदोलन की तरह सफल बनाएं ताकि ग्रामीण विकास की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।

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