सुपौल में हिंदी दिवस पर विशेष कार्यक्रम, डॉ. रणधीर राणा ने हिंदी को बताया संस्कृति और स्वाभिमान की पहचान

Ghazala Saheb14 September 20261 min read9 viewsBihar
सुपौल में हिंदी दिवस पर विशेष कार्यक्रम, डॉ. रणधीर राणा ने हिंदी को बताया संस्कृति और स्वाभिमान की पहचान

सुपौल में हिंदी दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक डॉ. रणधीर कुमार राणा ने छात्राओं को हिंदी भाषा के महत्व और भारतीय संस्कृति की जानकारी दी।

  • सरस्वती विद्या निकेतन मॉडल स्कूल सह बबुजन विशेश्वर बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में आयोजन।
  • छात्राओं में हिंदी के प्रति सम्मान और संस्कृति से जुड़ाव बढ़ाने पर जोर।
  • डॉ. रणधीर कुमार राणा ने प्रस्तुत की अपनी स्वरचित कविता ‘हिंदी—हमारी पहचान’।

कार्यक्रम के दौरान डॉ. रणधीर कुमार राणा ने छात्राओं को हिंदी भाषा के महत्व और विशेषताओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं है, बल्कि यह हमारी संस्कृति, संस्कार, भावनाओं और राष्ट्रीय अस्मिता की पहचान है। भाषा किसी भी समाज की पहचान और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का साधन होती है। उन्होंने छात्राओं से हिंदी के सम्मान और संरक्षण के लिए प्रयास करने को कहा।

डॉ. राणा ने बताया कि हिंदी भारत की विविधता को एक सूत्र में पिरोती है। इसके माध्यम से संस्कृति, परंपरा और साहित्य को आसानी से व्यक्त किया जाता है। उन्होंने छात्राओं से शिक्षा के साथ राष्ट्रप्रेम के प्रति जागरूक रहने की अपील की। कार्यक्रम में उन्होंने अपनी स्वरचित कविता ‘हिंदी—हमारी पहचान’ का भावपूर्ण पाठ किया, जिसे छात्राओं ने सराहा।

Share:

Comments

Leave a comment