सुपौल: छात्रों को सिखाए गए नवाचार और स्टार्टअप के गुर

सुपौल के पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में विद्यार्थियों को नवाचार और स्टार्टअप की बारीकियां सिखाने के लिए एक विशेष कार्यशाला आयोजित की गई। सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों में वैज्ञानिक सोच और उद्यमिता की भावना को विकसित करना था।
प्रोटोटाइप और बिजनेस मॉडल पर विशेष प्रशिक्षण
यह कार्यशाला भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय, इनोवेशन सेल (MIC) और अखिल भारतीय तकनीकी परिषद (AICTE) के मार्गदर्शन में संचालित 'डेवलपिंग इनोवेशन कल्चर एंड एंटरप्रेन्योरशिप' (DICE) पहल के तहत आयोजित की गई। इस सत्र में विद्यार्थियों को अपने अभिनव विचारों को केवल कागजों तक सीमित न रखकर, उन्हें एक व्यावहारिक प्रोटोटाइप बिजनेस मॉडल में बदलने का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और सुपौल अभियंत्रण महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अच्युतानंद मिश्रा ने छात्रों को 'प्रूफ ऑफ कॉन्सेप्ट' (PoC) के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि कैसे एक विचार को तकनीकी रूप देकर उसे बाजार में उतारने योग्य बनाया जा सकता है।
सफलता के लिए जरूरी पहलू
कार्यशाला के दौरान डॉ. मिश्रा ने बिजनेस मॉडल तैयार करने के कई महत्वपूर्ण चरणों पर चर्चा की:
- लागत का आकलन: किसी भी उत्पाद को बनाने में आने वाले खर्च का सही अनुमान लगाना।
- उपयोगिता: उत्पाद समाज की किस समस्या का समाधान कर रहा है।
- बाजार की व्यवहार्यता: क्या बाजार में उस उत्पाद की मांग और जरूरत है।
"किसी भी विचार की वास्तविक सफलता तभी है, जब वह समाज की किसी समस्या का समाधान करने में सक्षम हो और उसे एक टिकाऊ बिजनेस मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके।" - डॉ. अच्युतानंद मिश्रा
विचारों को पेटेंट और स्टार्टअप में बदलने का लक्ष्य
डाइस (DICE) के सिंगल पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट और कॉलेज के डीन एकेडमिक्स डॉ. चंदन कुमार ने बताया कि यह इस पहल के तहत तीसरी गतिविधि थी। इससे पहले छात्र उद्यमिता कौशल और इंजीनियरिंग लैब का भ्रमण भी कर चुके हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि महाविद्यालय का लक्ष्य विद्यार्थियों के इन विचारों को पेटेंट और स्टार्टअप मॉडल तक पहुँचाने में तकनीकी मार्गदर्शन देना है।
विद्यालय की प्राचार्या मीना मुर्मू ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे तकनीकी सत्रों से स्कूली छात्रों में तार्किक क्षमता और व्यावसायिक सोच विकसित होती है। कार्यशाला के दौरान छात्रों ने भी काफी उत्साह दिखाया और अपने नए आइडियाज को लेकर विशेषज्ञों से गहन सवाल पूछे।