कायाकल्प अभियान में सुस्ती पड़ी भारी, 5 अधिकारियों का वेतन रोका

Ghazala Saheb18 October 20262 min read0 viewsBihar
कायाकल्प अभियान में सुस्ती पड़ी भारी, 5 अधिकारियों का वेतन रोका

सुपौल: जिले में 'सेवा संकल्प एवं कायाकल्प अभियान' के तहत चल रही योजनाओं की सुस्त रफ्तार ने जिला प्रशासन को सख्त कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। कायाकल्प पोर्टल पर योजनाओं की प्रविष्टि (entry) में लापरवाही और अपेक्षित प्रगति न होने के कारण पांच नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारियों का वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है।

समीक्षा में खुली लापरवाही की पोल

जिलाधिकारी सावन कुमार ने बताया कि उप विकास आयुक्त इंद्रवीर कुमार की अध्यक्षता में अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान नगर विकास एवं आवास विभाग के नोडल पदाधिकारी ने जब कायाकल्प पोर्टल की स्थिति की जानकारी दी, तो आंकड़े बेहद निराशाजनक मिले। समीक्षा में यह बात सामने आई कि विभिन्न नगर निकायों से पोर्टल पर बहुत ही कम संख्या में योजनाएं दर्ज की गई हैं।

प्रशासन ने इस पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि अधिकारियों की अपेक्षित रुचि न लेने के कारण योजनाओं की प्रविष्टि का काम नहीं हो पा रहा है, जिससे पूरे अभियान की प्रगति प्रभावित हो रही है।

इन निकायों पर गिरी गाज

समीक्षा के दौरान जिन नगर निकायों में योजनाओं की संख्या बेहद कम पाई गई, वे इस प्रकार हैं:

  • नगर पंचायत पिपरा: मात्र 2 योजनाएं
  • नगर पंचायत निर्मली: मात्र 2 योजनाएं
  • सिमराही: केवल 3 योजनाएं
  • नगर परिषद त्रिवेणीगंज: केवल 4 योजनाएं
  • नगर पंचायत वीरपुर: मात्र 8 योजनाएं

3 दिन में मांगा स्पष्टीकरण

जिलाधिकारी ने संबंधित सभी कार्यपालक पदाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। उन्हें अपने-अपने नगर निकाय क्षेत्र में योजनाओं को चिह्नित करने और नोडल पदाधिकारी के माध्यम से कायाकल्प पोर्टल पर उनकी प्रविष्टि सुनिश्चित करने को कहा गया है।

"संबंधित पदाधिकारी योजनाओं की कम उपलब्धि को लेकर अपना-अपना स्पष्टीकरण तीन दिनों के अंदर जिला प्रशासन को सौंपेंगे। स्पष्टीकरण देने और उस पर अंतिम निर्णय होने तक संबंधित पदाधिकारियों का वेतन स्थगित रहेगा।"

जिला प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से नगर निकायों में योजनाओं की प्रगति और पोर्टल पर डेटा प्रविष्टि को लेकर जवाबदेही तय करने का कड़ा संदेश दिया गया है।

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