सुपौल: अल्पसंख्यक बालक छात्रावास की सुविधाओं को लेकर डीडीसी की बैठक
सुपौल में अल्पसंख्यक बालक छात्रावास के बेहतर संचालन और छात्रों को सुविधाएं देने के लिए डीडीसी ने महत्वपूर्ण बैठक की।

सुपौल जिले में संचालित अल्पसंख्यक बालक छात्रावास के प्रबंधन और छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रशासन ने कदम उठाए हैं। गुरुवार को उप विकास आयुक्त (DDC) इन्द्रवीर कुमार की अध्यक्षता में छात्रावास संचालन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य छात्रावास के संचालन को सुचारू बनाना और छात्रों को सभी आवश्यक सुविधाएं गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराना था।
सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष जोर
बैठक के दौरान छात्रावास में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं की वर्तमान स्थिति और उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर विस्तार से चर्चा की गई। डीडीसी ने छात्रावास के वातावरण को छात्रों के लिए बेहतर बनाने हेतु कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्देश दिए। बैठक में मुख्य रूप से निम्नलिखित विषयों पर विचार-विमर्श किया गया:
- नामांकित छात्रों के लिए बेहतर और व्यवस्थित आवासन की व्यवस्था।
- छात्रावास का नियमित रख-रखाव और मरम्मत कार्य।
- साफ-सफाई के मानकों को कड़ाई से लागू करना।
- सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना।
कर्मियों के सेवा नवीनीकरण पर निर्णय
छात्रावास की व्यवस्था को बिना किसी बाधा के चलाने के लिए सफाई और सुरक्षा कार्यों में लगे कर्मियों की सेवाओं के नवीनीकरण से जुड़े महत्वपूर्ण बिंदुओं पर भी निर्णय लिया गया। प्रशासन का लक्ष्य है कि छात्रावास की व्यवस्था में किसी भी प्रकार की कमी न रहे और छात्रों को एक सुरक्षित परिवेश मिल सके।
बैठक में उपस्थित प्रमुख लोग
इस महत्वपूर्ण बैठक में जिले के कई गणमान्य व्यक्ति और अधिकारी शामिल हुए, जिनमें शामिल थे:
- मो. दानिश वकार (सहायक निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण, सुपौल)
- मो. बदिउज्जमा (छात्रावास अधीक्षक)
- डॉ. नूरजहां बेगम (शिक्षक, आरएसएम पब्लिक स्कूल, सुपौल)
- मो. मकसूद आलम (सहायक प्राचार्य, एसएनएस महिला कॉलेज)
- मो. रिजवान अहमद (सचिव, अंजुमन तरक्की, उर्दू विभाग)
- जिला प्रतिनिधि