संगीत से होगा बच्चों का मानसिक विकास, शिक्षक बनाएं दक्ष: DEO
सुपौल में कला उत्सव की तैयारी के लिए संगीत शिक्षकों की बैठक हुई। DEO ने छात्रों के मानसिक विकास के लिए संगीत को बेहद जरूरी बताया।

सुपौल के जिला शिक्षा कार्यालय स्थित एसएसए सभागार में मंगलवार को 'कला उत्सव' की तैयारियों की समीक्षा के लिए संगीत शिक्षकों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) संग्राम सिंह ने संगीत शिक्षकों को संबोधित करते हुए छात्रों को गायन और वादन की कला में पूरी तरह निपुण बनाने का आह्वान किया।
संगीत केवल मनोरंजन नहीं, बौद्धिक विकास का आधार
संगीत शिक्षकों को प्रेरित करते हुए डीईओ संग्राम सिंह ने कहा कि स्कूली शिक्षा में संगीत का स्थान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगीत केवल मनोरंजन का साधन मात्र नहीं है, बल्कि यह बच्चों के मानसिक, बौद्धिक और भावनात्मक विकास की नींव रखने वाला एक सशक्त माध्यम है।
डीईओ ने बताया कि जिले के सभी सरकारी स्कूलों में अब संगीत वाद्य यंत्र उपलब्ध करा दिए गए हैं। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि इन संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए। छात्रों को संगीत की समुचित शिक्षा देना अब संगीत शिक्षकों की मुख्य जिम्मेदारी है।
कला उत्सव के जरिए तलाशी जाएगी प्रतिभा
आगामी कला उत्सव प्रतियोगिता को लेकर बैठक में विस्तार से चर्चा की गई। डीईओ ने निर्देश दिया कि इस प्रतियोगिता के माध्यम से जिले के प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं की पहचान की जाए और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए जाएं।
शिक्षा की गुणवत्ता और आत्मविश्वास बढ़ाएगा संगीत
बैठक में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एसएसए) मणिभूषण कुमार ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने शिक्षकों को निर्देश दिया कि वे पोषक क्षेत्र के स्कूलों में ऐसे छात्र-छात्राओं का समूह तैयार करें, जिनकी संगीत में विशेष रुचि है।
मणिभूषण कुमार ने कहा कि संगीत गतिविधियों को शिक्षा के साथ जोड़ने से पढ़ाई की गुणवत्ता में सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि जब बच्चे मंच पर प्रस्तुति देते हैं या समूह में अभ्यास करते हैं, तो उनमें कई महत्वपूर्ण गुणों का विकास होता है, जैसे:
- टीम वर्क: समूह में मिलकर काम करने की क्षमता।
- अनुशासन: नियमों और लय के साथ चलने का अभ्यास।
- आत्मविश्वास: मंच पर बिना झिझक के प्रदर्शन करने का साहस।
इस बैठक में संयोजक नंदलाल पासवान सहित हाईस्कूल के कई संगीत और ललित कला शिक्षक भी उपस्थित रहे।