सुपौल में सड़क किनारे प्लेसेंटा और मृत भ्रूण मिलने पर नर्सिंग होम में बड़ी छापेमारी

सुपौल में सड़क किनारे प्लेसेंटा और कथित तौर पर मृत भ्रूण फेंके जाने की सूचना पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जिले के राघोपुर प्रखंड के सिमराही नगर पंचायत क्षेत्र में स्थित ओम सत्य नर्सिंग होम में गुरुवार को प्रशासनिक टीम ने छापेमारी की। यह कार्रवाई वीरपुर एसडीएम विनय कुमार के नेतृत्व में की गई। इस दौरान प्रशासनिक टीम ने नर्सिंग होम पहुंचकर मेडिकल वेस्ट के निस्तारण से संबंधित दस्तावेज, व्यवस्था और संस्थान के संचालन से जुड़े नियमों की जानकारी ली। टीम ने मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की प्रक्रिया, संबंधित रिकॉर्ड और निर्धारित नियमों के अनुपालन की भी जांच की।
छापेमारी के दौरान मौजूद अधिकारी
इस छापेमारी के दौरान नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी वीणा वैशाली, रेफरल अस्पताल राघोपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीप नारायण राम और राघोपुर थाना के एसआई पुष्पांजय कुमार सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा। जांच टीम ने नर्सिंग होम में मेडिकल वेस्ट के निस्तारण की प्रक्रिया की जानकारी ली। जांच के दौरान वहां कुछ मरीज भी मिले जिनका ऑपरेशन हुआ था। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने संस्थान में इलाज और मेडिकल वेस्ट प्रबंधन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर पूछताछ की।
अधिकारियों के बयान और आगे की कार्रवाई
रेफरल अस्पताल राघोपुर के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीप नारायण राम ने बताया कि सड़क किनारे प्लेसेंटा फेंके जाने की सूचना मिली थी और बायो-मेडिकल वेस्ट का निस्तारण नियमों के अनुसार किया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला गंभीर अनियमितता से जुड़ा हो सकता है और जांच पूरी होने के बाद विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। नगर पंचायत की कार्यपालक पदाधिकारी वीणा वैशाली ने बताया कि सूचना मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन की टीम ने संयुक्त रूप से नर्सिंग होम की जांच की है और मामले से जुड़े तथ्यों और दस्तावेजों को संकलित किया जा रहा है। वीरपुर एसडीएम विनय कुमार ने कहा कि मेडिकल वेस्ट के साथ मृत भ्रूण फेंके जाने की सूचना मिली थी और स्वास्थ्य विभाग की ओर से ओम सत्य नर्सिंग होम के संचालन की वैधानिकता की भी जांच कराई जाएगी। जांच में नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित संचालक या जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सुसंगत धाराओं में कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन फिलहाल नर्सिंग होम के दस्तावेज, मेडिकल वेस्ट निस्तारण की व्यवस्था और संस्थान के संचालन से जुड़े नियमों की जांच कर रहा है और जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।