सुपौल सदर अस्पताल में मौसमी बीमारियों का कहर, डॉक्टरों को सख्त निर्देश
सुपौल के सदर अस्पताल में सर्दी, खांसी और बुखार के मरीजों की संख्या बढ़ गई है। सिविल सर्जन ने डॉक्टरों को समय पर ड्यूटी करने का निर्देश दिया है।

मौसम में लगातार हो रहे बदलाव का असर अब सुपौल के लोगों की सेहत पर साफ दिखने लगा है। तापमान में उतार-चढ़ाव और सुबह-शाम बढ़ती ठंड के कारण सुपौल सदर अस्पताल में मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। अस्पताल में इन दिनों खासकर सर्दी, खांसी, बुखार और मौसमी संक्रमण से परेशान मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है।
बच्चों और बुजुर्गों पर बढ़ता खतरा
मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. हरिशंकर ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मौसम के इस बदलाव का असर बच्चों पर सबसे ज्यादा देखा जा रहा है। बच्चों की सेहत को लेकर उन्होंने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:
- ठंडा पानी पीने से बचें और केवल गर्म पानी का ही सेवन करें।
- ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़े पहनें, विशेषकर बच्चों को सुबह और शाम के समय ठंड से सुरक्षित रखें।
- किसी भी प्रकार की शारीरिक परेशानी होने पर बिना देरी किए डॉक्टर से परामर्श लें।
- स्वयं से दवा लेने (Self-medication) की गलती बिल्कुल न करें।
सिविल सर्जन की चेतावनी: लापरवाही पर होगी कार्रवाई
अस्पताल में मरीजों की बढ़ती भीड़ और सुविधाओं को लेकर सिविल सर्जन बाबू साहब झा ने स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि अस्पताल में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की गई है और मरीजों को बेहतर इलाज देना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मरीजों की सुविधा के लिए सिविल सर्जन ने स्वास्थ्य कर्मियों को कड़े निर्देश जारी किए हैं:
- सभी चिकित्सकों को निर्धारित समय पर अपनी ड्यूटी पर उपस्थित होना अनिवार्य है।
- मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- अस्पताल परिसर, वार्ड और मरीजों के आसपास स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष ध्यान दिया जाए।
"यदि किसी मरीज को इलाज, दवा या अन्य स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कोई परेशानी होती है और उसकी शिकायत मिलती है, तो मामले की जांच कर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।" — बाबू साहब झा, सिविल सर्जन
चिकित्सकों ने आम लोगों से अपील की है कि वे अपने स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहें। विशेष रूप से छोटे बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों को ठंड से बचाना बेहद जरूरी है। खानपान में सावधानी और साफ-सफाई का ध्यान रखकर इन मौसमी बीमारियों से बचा जा सकता है।