सुपौल की रैंकिंग सुधारेगी सरकार! डीडीसी ने विभागों को दिया मिशन मोड का टास्क

सुपौल: जिले को नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्यों (SDG) के इंडेक्स में बेहतर स्थान दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। शुक्रवार को समाहरणालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त (DDC) इंद्रवीर कुमार ने जिले की रैंकिंग सुधारने के लिए सभी संबंधित विभागों को कड़े निर्देश दिए।
बैठक का मुख्य उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों की समयबद्ध और प्रभावी प्राप्ति सुनिश्चित करना है। डीडीसी ने स्पष्ट किया कि सुपौल की रैंकिंग में सुधार के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ मिशन मोड में काम करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को अपने-अपने विभागों से संबंधित लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।
स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष फोकस
समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य विभाग की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। डीडीसी ने स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए निम्नलिखित निर्देश दिए:
- संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया जाए।
- शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए।
- कुपोषण की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए जमीनी स्तर पर विशेष अभियान चलाए जाएं।
वहीं, शिक्षा विभाग को निर्देश दिया गया कि विद्यालयों में विद्यार्थियों की उपस्थिति बढ़ाई जाए, बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों (ड्रॉपआउट) की संख्या कम की जाए और स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं को और मजबूत किया जाए।
जल-जीवन-हरियाली और स्वच्छता अभियान
बैठक में जल-जीवन-हरियाली अभियान और स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत हर घर तक स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन (Waste Management) को प्रभावी बनाने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक सुधार लाने को कहा गया। डीडीसी ने पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता को सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
महिला सशक्तिकरण और राशन वितरण में पारदर्शिता
महिलाओं के आर्थिक उत्थान के लिए जीविका दीदियों की भूमिका पर विशेष चर्चा हुई। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करने पर बल दिया गया। इसके अलावा, सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और पात्र लाभार्थियों को समय पर राशन उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक के अंत में डीडीसी इंद्रवीर कुमार ने सभी विभागीय पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने संबंधित एसडीजी सूचकांकों की प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से अपडेट करें। उन्होंने कहा कि नियमित निगरानी और समन्वित प्रयासों से ही सुपौल जिले को विकास के विभिन्न मानकों पर आगे ले जाया जा सकता है।