सुपौल: आधी रात को थानों में पहुंचे एसपी, गश्ती व्यवस्था पर ली सख्ती

सुपौल जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए पुलिस अधीक्षक शरथ आर एस ने एक बड़ा कदम उठाया है। देर रात अचानक विभिन्न थानों का औचक निरीक्षण करने से पुलिस महकमे में हलचल मच गई। एसपी का मुख्य उद्देश्य रात्रिकालीन पुलिसिंग को प्रभावी बनाना और यह सुनिश्चित करना था कि रात के समय जिले में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चाक-चौबंद रहे।
ड्यूटी पर तैनात कर्मियों की हुई कड़ी जांच
निरीक्षण के दौरान एसपी ने थानों में तैनात पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों की उपस्थिति की बारीकी से जांच की। उन्होंने ड्यूटी चार्ट के साथ-साथ कर्मियों की सतर्कता और आपातकालीन स्थितियों से निपटने की तैयारियों का भी जायजा लिया। इसके साथ ही, थाना परिसर में मौजूद आवश्यक अभिलेखों और सुरक्षा इंतजामों की भी समीक्षा की गई ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पुलिस हर स्थिति के लिए पूरी तरह तैयार है।
गश्ती को केवल औपचारिकता न बनाएं: एसपी
एसपी शरथ आर एस ने पुलिसकर्मियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि रात्रि गश्ती को केवल एक औपचारिकता तक सीमित न रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गश्ती दल को अपने निर्धारित क्षेत्रों में लगातार भ्रमण करते रहना चाहिए। यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति, वाहन या संदिग्ध गतिविधि नजर आती है, तो पुलिस को बिना समय गंवाए तत्काल जांच और आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।
संवेदनशील इलाकों और बाजारों पर रहेगी पैनी नजर
निरीक्षण के क्रम में एसपी ने जिले की रात्रिकालीन गश्ती व्यवस्था का भी गहन अवलोकन किया। उन्होंने पुलिस पदाधिकारियों को निम्नलिखित निर्देश दिए:
- संवेदनशील क्षेत्रों, प्रमुख मार्गों और बाजारों में विशेष निगरानी रखी जाए।
- प्रमुख चौक-चौराहों पर पुलिस की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए।
- संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की नियमित चेकिंग की जाए।
- किसी भी आपात स्थिति में त्वरित रिस्पांस (Quick Response) सुनिश्चित किया जाए।
एसपी ने यह भी कहा कि पुलिस को आम लोगों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखना चाहिए और किसी भी सूचना पर संवेदनशीलता के साथ काम करना चाहिए। इस औचक निरीक्षण से जिले में अपराध नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक कड़ा संदेश गया है।