सुपौल: स्वच्छता कार्यों में ढिलाई नहीं, DDC ने दिए सख्त निर्देश

सुपौल में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। DDC ने लंबित कार्यों और स्वच्छता कर्मियों के भुगतान को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया।

Ghazala Saheb6 November 20262 min read0 viewsBihar
सुपौल: स्वच्छता कार्यों में ढिलाई नहीं, DDC ने दिए सख्त निर्देश

सुपौल जिले में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। जिले में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान (द्वितीय चरण) के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शुक्रवार को उप विकास आयुक्त (DDC) इंद्रवीर कुमार की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अभियान के तहत चल रही विभिन्न योजनाओं की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया गया।

महादलित टोलों और घरेलू शौचालयों पर विशेष ध्यान

बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त ने स्वच्छता से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की प्रखंडवार समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया:

  • महादलित टोलों में शौचालय निर्माण: महादलित बस्तियों में शौचालयों के निर्माण की स्थिति और लाभार्थियों को किए जाने वाले भुगतान की समीक्षा की गई।
  • व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (IHHL): व्यक्तिगत स्तर पर शौचालयों के निर्माण और उनके भुगतान की प्रक्रिया को लेकर चर्चा हुई।
  • सामुदायिक स्वच्छता परिसर (CSC): सामुदायिक शौचालयों के निर्माण और उससे जुड़े भुगतान कार्यों की स्थिति जांची गई।
  • सामुदायिक सोक पिट: स्वच्छता बनाए रखने के लिए बनाए जा रहे सोक पिट के निर्माण कार्यों की प्रगति देखी गई।

कर्मियों का मानदेय और वित्तीय प्रबंधन

समीक्षा बैठक में स्वच्छता पर्यवेक्षकों और कर्मियों के मानदेय भुगतान का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि 16वें वित्त आयोग और लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान (LSBA) से प्राप्त आवंटन के माध्यम से संबंधित कर्मियों का भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने उपयोगिता प्रमाण पत्र (Utility Certificate) से जुड़े लंबित कार्यों को जल्द से जल्द पूरा करने की बात कही।

प्लास्टिक कचरा प्रबंधन और अन्य निर्देश

अभियान के एक महत्वपूर्ण घटक, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई (PWMU) के कार्यों की भी समीक्षा की गई। इसमें प्लास्टिक कचरे के संग्रहण और उसके प्रसंस्करण (Processing) की स्थिति पर चर्चा हुई।

उप विकास आयुक्त ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि:

"सभी योजनाओं में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित की जाए और सभी लंबित कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा किया जाए, ताकि स्वच्छता अभियान के उद्देश्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से उतारा जा सके।"

इस बैठक में निदेशक (DRDA), डीपीएम जीविका, जिला समन्वयक और जिला सलाहकार सहित कई अधिकारी उपस्थित थे। वहीं, जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और अन्य प्रखंड स्तरीय समन्वयक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस बैठक में शामिल हुए।

Share:

Comments

Leave a comment