सुपौल: ट्रेनिंग से नदारद 98 शिक्षकों पर गिरी गाज, वेतन काटने की तैयारी

बिहार के सुपौल जिले में शिक्षा विभाग ने अनुशासनहीनता बरतने वाले शिक्षकों के खिलाफ सख्त रुख अपना लिया है। डाइट (DIET) बसाहा में आयोजित अनिवार्य प्रशिक्षण सत्रों से अनुपस्थित रहने वाले 98 शिक्षकों को विभाग ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
दो चरणों में हुई भारी अनुपस्थिति
जानकारी के अनुसार, कक्षा तीन से पांच तक के शिक्षकों के लिए दो चरणों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए गए थे। डाइट बसाहा के प्रभारी प्राचार्य द्वारा सौंपी गई रिपोर्ट के मुताबिक, शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर गंभीर लापरवाही सामने आई है:
- पहला चरण (21 से 26 सितंबर): इस दौरान 45 शिक्षक प्रशिक्षण से गायब पाए गए।
- दूसरा चरण (28 सितंबर से 1 अक्टूबर): इस दौरान 53 शिक्षक अनुपस्थित रहे।
इन दोनों चरणों को मिलाकर कुल 98 शिक्षकों की पहचान की गई है, जिन्होंने बिना किसी पूर्व सूचना के प्रशिक्षण में हिस्सा नहीं लिया।
तीन दिन के भीतर देना होगा जवाब
जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (प्राथमिक शिक्षा और सर्व शिक्षा अभियान) ने इन शिक्षकों को स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। विभाग ने प्रक्रिया को सख्त रखते हुए कहा है कि शिक्षकों को अपना जवाब और आवश्यक साक्ष्य अपने संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) के माध्यम से ही जमा करना होगा। बीईओ द्वारा आवेदन को स्वीकृत या फॉरवर्ड करना अनिवार्य है।
"शिक्षकों को अपना स्पष्टीकरण तीन दिनों के भीतर प्रस्तुत करना होगा। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"
सैलरी से होगी कटौती और अनुशासनात्मक कार्रवाई
शिक्षा विभाग ने साफ कर दिया है कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है या दिए गए साक्ष्य अपर्याप्त पाए जाते हैं, तो निम्नलिखित कदम उठाए जाएंगे:
- प्रशिक्षण अवधि के लिए शिक्षकों के वेतन से निर्धारित राशि की कटौती की जाएगी।
- अनुशासनहीनता के लिए आगे की विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी।
विभाग ने यह भी जोर देकर कहा है कि प्रशिक्षण में अनुपस्थित रहने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित शिक्षकों की ही होगी और इस मामले में