सुपौल में 5.88 करोड़ की चोरी का बड़ा खुलासा, लखनऊ से गिरफ्तार हुआ मास्टरमाइंड

सुपौल पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दूरसंचार टावरों से करोड़ों रुपये के कीमती उपकरण चुराने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में पुलिस ने गिरोह के सरगना को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से गिरफ्तार किया है, जिसके पास से चोरी में इस्तेमाल किया गया चारपहिया वाहन भी बरामद हुआ है।
इंडस टावर साइट से हुई थी करोड़ों की चोरी
यह पूरा मामला सुपौल जिले के पिपरा थाना क्षेत्र का है। यहाँ स्थित इंडस टावर साइट से करीब 5 करोड़ 88 लाख रुपये मूल्य के टेलीकॉम उपकरण (फाइबर कार्ड) चोरी हो गए थे। इस घटना की शिकायत Peregrine Guarding Pvt. Ltd. के सीनियर ऑपरेशन मैनेजर ने की थी, जिसके बाद पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी।
SIT की जांच और लखनऊ में गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुपौल के पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। इस टीम में तकनीकी विशेषज्ञों और स्थानीय पुलिस को शामिल किया गया। जांच के दौरान मिले सुरागों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम उत्तर प्रदेश पहुंची और लखनऊ में छापेमारी कर गिरोह के मुख्य आरोपी ध्रुव द्विवेदी को दबोच लिया। आरोपी मूल रूप से प्रयागराज के शंकरगढ़ थाना क्षेत्र का रहने वाला है।
विदेशों में बेचता था चोरी का सामान
पूछताछ के दौरान आरोपी ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। पुलिस के अनुसार, ध्रुव द्विवेदी न केवल बिहार और उत्तर प्रदेश में, बल्कि अन्य राज्यों में भी चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि वह चोरी किए गए इन महंगे उपकरणों को विदेशों में बेचने का नेटवर्क भी चलाता था। पुलिस अब इस अंतरराष्ट्रीय पहलू की गहनता से जांच कर रही है।
अपराधी का लंबा आपराधिक इतिहास
गिरफ्तार आरोपी ध्रुव द्विवेदी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश के प्रयागराज, हरदोई, जालौन, लखीमपुर खीरी, शाहजहांपुर, सीतापुर, महोबा और अंबेडकर नगर सहित कई जिलों में चोरी और अन्य गंभीर अपराधों के दर्जनों मामले दर्ज हैं।
पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है और चोरी किए गए उपकरणों की बरामदगी के लिए छापेमारी कर रही है। दूरसंचार टावरों से इस तरह की बड़ी चोरी का खुलासा पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।