सुपौल में जनजातीय समुदाय के मुद्दों पर हुआ विशेष सम्मेलन, स्वास्थ्य और आजीविका जैसे विषयों पर हुई चर्चा

सुपौल में जनजातीय प्रश्न पर जिला नियोजन कार्यालय के सभाकक्ष में बुधवार को एक सम्मेलन का आयोजन किया गया। इस सम्मेलन की शुरुआत अपर समाहर्ता सच्चिदानंद सुमन और जिला कल्याण पदाधिकारी राम कृपाल प्रसाद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित करके की। इस बैठक में जिले के त्रिवेणीगंज, छातापुर, किशनपुर और सुपौल समेत विभिन्न प्रखंडों से अनुसूचित जनजाति समुदाय के पुरुष और महिला प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
स्वास्थ्य और आजीविका पर हुई चर्चा
सम्मेलन के दौरान जनजातीय समुदाय की स्वास्थ्य, सामाजिक और आर्थिक स्थिति, आजीविका, विरासत, साहित्य, कला और संस्कृति जैसे कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से बातचीत की गई। प्रतिनिधियों ने समुदाय के विकास के रास्ते में आने वाली विभिन्न समस्याओं को सबके सामने रखा। इसके अलावा समस्याओं के समाधान और समुदाय के पूरे विकास को लेकर कई जरूरी सुझाव भी दिए गए।
प्रतिनिधियों ने रखे अपने विचार
अनुसूचित जनजाति समुदाय की ओर से डॉ. सकलदेव चंद उरांव, ज्ञान बहादुर गुरु और रिंकी देवी सहित अन्य प्रतिनिधियों ने अपने विचार और सुझाव साझा किए। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि जनजातीय समुदाय की सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने के साथ-साथ विकास के अवसरों को भी बढ़ाया जाना चाहिए। इस कार्यक्रम के दौरान सुपौल के अनुमंडल कल्याण पदाधिकारी, किशनपुर के प्रखंड कल्याण पदाधिकारी सहित जिला कल्याण कार्यालय के दूसरे अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।