1 नवंबर की दिल्ली महारैली के लिए सुपौल में कांग्रेस की बड़ी तैयारी
1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली 'वोट बचाओ, देश बचाओ' महारैली के लिए सुपौल कांग्रेस ने कमर कस ली है। कार्यकर्ताओं से शामिल होने की अपील।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आह्वान पर आगामी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ महारैली को लेकर सुपौल जिला कांग्रेस कमेटी ने अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। इस महारैली में सुपौल जिले से सैकड़ों कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है, जिससे दिल्ली में जिले की बड़ी भागीदारी देखने को मिल सकती है।
पर्यवेक्षक राजेश कच्छप ने की तैयारियों की समीक्षा
महारैली की तैयारियों को परखने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा नियुक्त पर्यवेक्षक और झारखंड के खिजरी विधायक राजेश कच्छप सुपौल पहुंचे। उन्होंने जिला कांग्रेस कार्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक की अध्यक्षता राष्ट्रीय प्रवक्ता सह जिलाध्यक्ष अनुपम ने की।
बैठक के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित पहलुओं पर चर्चा की गई:
- संगठन की जमीनी स्तर पर मजबूती और तैयारियां।
- कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना।
- अभियान के संदेश को आम जनता और मतदाताओं तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना।
लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का संकल्प
जिलाध्यक्ष अनुपम ने बैठक को संबोधित करते हुए कार्यकर्ताओं में जोश भरा। उन्होंने कहा कि ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान महज एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों, मताधिकार की स्वतंत्रता और हमारे संविधान की रक्षा से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण अभियान है।
गांव-गांव तक पहुंचेगा अभियान का संदेश
विधायक राजेश कच्छप ने सुपौल के कांग्रेस नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुपौल से अधिक से अधिक कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे इस अभियान को केवल शहरों तक सीमित न रखकर गांव-गांव और पंचायत-पंचायत तक ले जाएं।
उन्होंने आगे कहा कि सभी कार्यकर्ता आपसी तालमेल के साथ जुटें, ताकि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने वाली इस महारैली में सुपौल की प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई जा सके। बैठक में प्रखंड अध्यक्षों, प्रभारियों, विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों और वरिष्ठ नेताओं ने भी महारैली में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का संकल्प लिया।