सुपौल में 'जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार' अभियान शुरू, 30 नवंबर तक मिलेगी स्वास्थ्य सुविधाएं

सुपौल में गैर-संचारी रोगों की रोकथाम, जांच, उपचार और जन-जागरूकता के लिए 'जांच एवं उपचार चिकित्सा आपके द्वार' अभियान का शुभारंभ किया गया। यह अभियान 30 नवंबर 2026 तक पूरे जिले में चलाया जाएगा। सदर अस्पताल सुपौल, अनुमंडलीय अस्पताल वीरपुर, निर्मली, त्रिवेणीगंज और रेफरल अस्पताल राघोपुर में इसके तहत विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। इस कार्यक्रम की शुरुआत राज्य स्तर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मुख्यमंत्री, बिहार सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, विजय कुमार चौधरी और स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार द्वारा स्वास्थ्य संबंधी प्रयासों के क्रम में की गई।
अभियान का मुख्य उद्देश्य और बीमारियां
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य गैर-संचारी रोगों के प्रभाव को कम करना और आम लोगों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके तहत उच्च रक्तचाप, मधुमेह, ओरल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर, सर्वाइकल कैंसर, अस्थमा, सीओपीडी, गैर-मादक वसायुक्त यकृत रोग और हृदय संबंधी रोगों की रोकथाम, जांच और उपचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान 30 वर्ष से अधिक आयु के लोगों में उच्च रक्तचाप, मधुमेह, अस्थमा और फैटी लिवर की जांच पर विशेष जोर दिया गया है।
आशा कार्यकर्ताओं की भूमिका और जागरूकता
आशा कार्यकर्ताओं द्वारा सीबीएसी फॉर्म और आहार संबंधी चेकलिस्ट भरने का काम किया जा रहा है। इसके साथ ही लोगों को स्वस्थ जीवनशैली और संतुलित आहार के प्रति जागरूक करने पर भी पूरा बल दिया जा रहा है। सदर अस्पताल सुपौल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान डीएम सावन कुमार, मुख्य पार्षद राघवेन्द्र झा, सिविल सर्जन डॉ. बाबु साहेब झा, एसीएमओ डॉ. आनंद शंकर प्रसाद सिन्हा, एनसीडीओ डॉ. ममता कुमारी, बाल कृष्ण चौधरी, शशिभूषण प्रसाद, अभिनव आनंद, डॉ. अलका कुमारी, निरंजन कुमार, अतुल आनंद, रंजीत कुमार जायसवाल, अर्चना कुमारी, एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे समय पर जांच कराएं और स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर इन रोगों से बचाव करें।