सुपौल: वीबीजी राम जी योजना के लिए विशेष प्रशिक्षण, डीडीसी ने दिए निर्देश
सुपौल में वीबीजी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षण आयोजित किया गया। डीडीसी ने पारदर्शिता और गुणवत्ता पर जोर दिया।

सुपौल जिले में विकास कार्यों को नई गति देने और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुँचाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। गुरुवार को जिला परिषद सभागार में वीबीजी राम जी योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और इसके तहत होने वाले कार्यों की जानकारी देने के उद्देश्य से एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
डीडीसी ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया कार्यक्रम का शुभारंभ
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ उप विकास आयुक्त (DDC) इंद्रवीर कुमार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने योजना के लक्ष्यों और इसके सफल संचालन के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में राष्ट्रीय नियोजन कार्यक्रम के निदेशक, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सभी कार्यक्रम पदाधिकारी, कनीय अभियंता, पंचायत तकनीकी सहायक सहित योजना से जुड़े तमाम महत्वपूर्ण कर्मी शामिल हुए।
योजना की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर विशेष जोर
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य योजना के अंतर्गत किए जाने वाले अनुमन्य कार्यों की विस्तृत जानकारी देना था, ताकि योजनाओं के चयन, स्वीकृति और क्रियान्वयन की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाया जा सके। प्रशिक्षण के दौरान निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया:
- योजनाओं का चयन: स्थानीय जरूरतों और निर्धारित प्रावधानों के आधार पर सही कार्यों का चुनाव करना।
- तकनीकी मानक: कार्यों के निष्पादन में निर्धारित तकनीकी नियमों और मानकों का कड़ाई से पालन करना।
- संसाधनों का उपयोग: सरकारी संसाधनों का सही और सटीक उपयोग सुनिश्चित करना।
गुणवत्ता और जवाबदेही से समझौता नहीं
प्रशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि किसी भी योजना की सफलता तभी संभव है जब उसका क्रियान्वयन निर्धारित नियमों के अनुसार हो। उन्होंने बताया कि विकास कार्यों का लाभ सीधे ग्रामीण क्षेत्रों के जरूरतमंद लोगों तक पहुँचना चाहिए।
"सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को निर्देश दिया जाता है कि प्रशिक्षण में सीखी गई जानकारी का उपयोग क्षेत्र स्तर पर योजनाओं के प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन में करें। पारदर्शिता, गुणवत्ता और जवाबदेही का विशेष ध्यान रखना होगा ताकि निर्धारित उद्देश्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सके।"
— इंद्रवीर कुमार, उप विकास आयुक्त
उप विकास आयुक्त ने अंत में सभी कर्मियों को निर्देशित किया कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पूरी गंभीरता से अनुपालन सुनिश्चित करें। इस प्रशिक्षण के माध्यम से संबंधित कर्मियों को योजना के बेहतर संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक जानकारी उपलब्ध कराई गई है।