सुपौल: सुरक्षित बचपन अभियान से बच्चों को सिखाए गए सुरक्षा के गुर
सुपौल के पांच प्रखंडों में सुरक्षित बचपन अभियान के जरिए बच्चों को बाल अधिकार और पॉक्सो एक्ट के बारे में जागरूक किया गया।

सुपौल जिले में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत शुक्रवार को पांच प्रखंडों के विभिन्न विद्यालयों में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्कूली छात्र-छात्राओं को उनके अधिकारों और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति पूरी तरह सजग बनाना है।
पांच प्रखंडों के स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम
जिले के सुपौल सदर, पिपरा, सरायगढ़-भपटियाही, त्रिवेणीगंज एवं किशनपुर प्रखंड के विद्यालयों में यह कार्यक्रम चलाया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को उनके मौलिक अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े बेहद महत्वपूर्ण विषयों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
पॉक्सो एक्ट और लैंगिक सुरक्षा पर जोर
बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए आयोजित इस सत्र में उन्हें विशेष रूप से निम्नलिखित विषयों पर शिक्षित किया गया:
- बाल अधिकार और उनकी सुरक्षा के कानूनी प्रावधान।
- लैंगिक अपराधों से बचाव के तरीके।
- पॉक्सो (POCSO) अधिनियम के तहत मिलने वाली सुरक्षा।
शोषण के खिलाफ आवाज उठाना सिखाया
कार्यक्रम का एक मुख्य हिस्सा बच्चों को मानसिक रूप से सशक्त बनाना था। उन्हें समझाया गया कि यदि वे किसी भी प्रकार के शोषण, उत्पीड़न या असुरक्षित स्थिति का सामना करते हैं, तो उन्हें डरकर चुप नहीं रहना चाहिए। बच्चों को प्रेरित किया गया कि वे तुरंत इसकी जानकारी अपने माता-पिता, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को दें ताकि उन्हें उचित सहायता प्राप्त हो सके।
इन संस्थाओं ने निभाई मुख्य भूमिका
इस पूरे अभियान को सफल बनाने और बच्चों तक सही जानकारी पहुँचाने में निम्नलिखित संस्थाओं ने सक्रिय सहभागिता निभाई:
- जिला विधिक सेवा प्राधिकार
- जिला बाल संरक्षण इकाई
- चाइल्ड हेल्पलाइन
- समग्र शिक्षण एवं विकास संस्थान
अभियान का लक्ष्य बच्चों को संभावित खतरों के प्रति सचेत करना और उनके संरक्षण के लिए समाज में जागरूकता बढ़ाना है।