सुपौल: सुरक्षित बचपन अभियान के तीसरे दिन स्कूलों में गूंजी अधिकारों की आवाज
सुपौल के विभिन्न स्कूलों में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जा रहा है।

सुपौल जिले में सुरक्षित बचपन अभियान सुपौल के तहत जागरूकता का सिलसिला लगातार जारी है। बुधवार को इस अभियान के तीसरे दिन भी जिले के विभिन्न विद्यालयों में कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति सचेत करना है।
यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से आयोजित किए गए। इसमें सुपौल के साथ-साथ वीरपुर एवं निर्मली अनुमंडल के स्कूलों में भी बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा और संरक्षण के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
बच्चों में आत्मविश्वास जगाने पर जोर
इस पूरे अभियान का संचालन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष राजेश कुमार बच्चन के मार्गदर्शन में किया जा रहा है। अभियान का लक्ष्य केवल जानकारी देना ही नहीं है, बल्कि बच्चों के भीतर वह आत्मविश्वास पैदा करना भी है जिससे वे अपनी बात मजबूती से रख सकें।
कार्यक्रमों के दौरान बच्चों को निम्नलिखित बातों के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है:
- अपनी बात बिना किसी डर के खुलकर रखना।
- सवाल पूछने की हिम्मत जुटाना।
- बाल सुरक्षा से जुड़े विषयों पर अपने विचार साझा करना।
- किसी भी असुरक्षित स्थिति में आवाज उठाना।
निर्भीक होकर बोलने की प्रेरणा
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल के सचिव अमित गौरव ने इस अभियान की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और उन्हें अपनी समस्याएं साझा करने के लिए प्रेरित करना बेहद जरूरी है।
"बच्चों में जागरूकता और आत्मविश्वास विकसित होने से ही उनके संरक्षण की दिशा में सार्थक कदम उठाए जा सकते हैं।"
अभियान के माध्यम से एक ऐसा वातावरण बनाने का प्रयास किया जा रहा है, जहाँ बच्चे बिना किसी संकोच या डर के अपनी समस्याओं को सामने रख सकें। जिले के विभिन्न स्कूलों में यह अभियान बच्चों को सुरक्षित भविष्य देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रहा है।