सुपौल: 'सुरक्षित बचपन अभियान' से बच्चों को मिली सुरक्षा की सीख
सुपौल के निर्मली में सुरक्षित बचपन अभियान के तहत बच्चों को बाल अधिकारों, सुरक्षा और शोषण के खिलाफ आवाज उठाने के लिए जागरूक किया गया।

बिहार के सुपौल जिले में बच्चों के सुरक्षित भविष्य और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए 'सुरक्षित बचपन अभियान' जोर-शोर से चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की परिकल्पना के तहत आयोजित इस अभियान के चौथे दिन निर्मली के विभिन्न स्कूलों में विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।
अधिकारों के प्रति सजगता और आत्मविश्वास का संचार
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), सुपौल के अध्यक्ष राजेश कुमार बच्चन के मार्गदर्शन में यह अभियान संचालित हो रहा है। गुरुवार को निर्मली हाई स्कूल, ओमश्री साईं पब्लिक स्कूल और डीएम पंसारी विद्यालय में बच्चों को उनके कानूनी अधिकारों और सुरक्षा के प्रति विस्तार से जानकारी दी गई।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों के भीतर आत्मविश्वास पैदा करना है, ताकि वे किसी भी प्रकार के शोषण या हिंसा का सामना करने पर निडर होकर अपनी बात रख सकें और अपनी समस्याएं साझा कर सकें।
भीड़ और आपदा के समय कैसे बरतें सावधानी?
निर्मली अनुमंडल न्यायालय के न्यायाधीश श्याम नाथ साह ने बच्चों को व्यावहारिक सुरक्षा के गुर सिखाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए और किसी भी संकट की स्थिति में घबराना नहीं चाहिए।
"यदि आप किसी मेले या सार्वजनिक स्थान पर भीड़ के बीच फंस जाएं या किसी परेशानी में हों, तो तुरंत नजदीकी पुलिसकर्मी से संपर्क करें और मदद मांगें।"
वहीं, यूनिसेफ से जुड़े अशोक कुमार ने बिहार सरकार की 'सुरक्षित शनिवार' पहल की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्कूलों में विभिन्न आपदाओं से बचाव के तरीके सिखाए जाते हैं और बच्चों को इन सुरक्षा जानकारियों को अपने व्यवहार में उतारना चाहिए।
शोषण और तस्करी के खिलाफ एकजुटता
कोशी प्रहरी के प्रतिनिधि प्रमोद कुमार यादव ने बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों में शिकायत पेटी लगाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि इससे बच्चे बिना किसी डर के अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित खतरों के प्रति जागरूक किया:
- बाल शोषण और हिंसा से बचाव
- बाल मजदूरी पर रोक
- मानव तस्करी की रोकथाम
शिकायत के लिए कहाँ करें संपर्क?
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को यह भी बताया गया कि यदि उन्हें किसी भी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़ता है, तो वे जिला विधिक सेवा प्राधिकार, सुपौल से संपर्क कर सकते हैं। अपनी शिकायतें डाक या अन्य उपलब्ध माध्यमों से भी प्राधिकार तक पहुंचाई जा सकती हैं।
इस अवसर पर अधिवक्ता गीता गुप्ता, भोला प्रसाद यादव, चंद्र मोहन आचार्य, शिक्षक फूलदेव यादव, प्रधानाध्यापक संजय कुमार और निदेशक पीएन सिंह सहित कई शिक्षक और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।