भाकपा-माले नेता स्वदेश भट्टाचार्य का निधन, वामपंथ में शोक
भाकपा-माले के वरिष्ठ नेता कॉमरेड स्वदेश भट्टाचार्य का पटना में निधन। वामपंथी आंदोलन में शोक की लहर।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) यानी भाकपा-माले के वरिष्ठ नेता और पोलित ब्यूरो सदस्य कॉमरेड स्वदेश भट्टाचार्य का निधन हो गया है। उन्होंने शुक्रवार, 30 अक्टूबर की रात पटना के रूबन मेमोरियल अस्पताल में इलाज के दौरान अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर मिलते ही पूरे वामपंथी आंदोलन और पार्टी कार्यकर्ताओं में शोक की लहर दौड़ गई है।
पार्टी के स्तंभ और संघर्ष के प्रतीक
कॉमरेड स्वदेश भट्टाचार्य केवल एक नेता ही नहीं, बल्कि पुनर्गठित पार्टी के संस्थापकों में से एक थे। वे पार्टी के केंद्रीय संगठन विभाग के प्रभारी के रूप में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे।
भाकपा-माले के राज्य स्थायी कमिटी सदस्य और भागलपुर–बांका जोन के प्रभारी कॉमरेड मुकेश मुक्त ने इस दुखद घड़ी में गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि कॉमरेड भट्टाचार्य का पार्टी की कतारों में बहुत सम्मान था। उन्होंने अपना पूरा जीवन शोषितों, वंचितों और जनता के अधिकारों की रक्षा के संघर्ष में समर्पित कर दिया। उनका जाना संपूर्ण वाम-जनवादी आंदोलन के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार का कार्यक्रम
पार्टी सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, कॉमरेड स्वदेश भट्टाचार्य के पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए पटना के वीरचंद पटेल पथ स्थित न्यू एमएलए फ्लैट (213, काराकाट) में रखा जाएगा। यहाँ पार्टी नेता, कार्यकर्ता और आम लोग उन्हें अपनी श्रद्धासुमन अर्पित कर सकेंगे।
उनके अंतिम संस्कार से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी नीचे दी गई है:
- अंतिम यात्रा: सोमवार, 2 नवंबर को दोपहर 12 बजे निकाली जाएगी।
- अंतिम संस्कार: पटना में ही संपन्न होगा।