गया के टंकुप्पा स्टेशन के पास बनेगा अंडरपास, 25 गांवों को मिलेगी बड़ी राहत

गया जिले के टंकुप्पा रेलवे स्टेशन के आसपास रहने वाले हजारों लोगों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर है। भारतीय रेलवे ने टंकुप्पा स्टेशन के पूर्वी केबिन के पास एक अंडरपास के निर्माण को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। यह महत्वपूर्ण परियोजना पोल नंबर 449/4 से 449/5 के बीच बनाई जाएगी, जिससे आसपास के लगभग 20 से 25 गांवों के निवासियों का जीवन पूरी तरह बदल जाएगा।
जानलेवा सफर से मिलेगी मुक्ति
वर्तमान में, इस क्षेत्र में कोई ओवरब्रिज या सुरक्षित रेलवे गेट उपलब्ध नहीं है। इस कमी के कारण स्थानीय ग्रामीणों को अपनी जान जोखिम में डालकर रेल की पटरियों को पार करना पड़ता है। यह स्थिति बेहद खतरनाक रही है और अब तक पटरियों को पार करते समय कई लोगों की जान भी जा चुकी है।
नया अंडरपास बनने के बाद, पैदल यात्रियों, मोटरसाइकिल सवारों, ऑटो-रिक्शा और छोटे से लेकर मध्यम आकार के वाहनों के लिए एक सुरक्षित रास्ता मिल जाएगा। इससे न केवल रेल दुर्घटनाओं का खतरा कम होगा, बल्कि यातायात के दबाव में भी कमी आएगी।
दूरी और समय की होगी भारी बचत
यह अंडरपास स्थानीय लोगों के लिए वरदान साबित होगा। अभी तक, लोगों को एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए लगभग 30 किलोमीटर का लंबा रास्ता तय करना पड़ता था। अंडरपास के निर्माण के बाद, यह दूरी घटकर महज 5 किलोमीटर रह जाएगी। इससे लोगों के समय और ईंधन दोनों की बड़ी बचत होगी।
नेताओं के संघर्ष से मिली सफलता
इस परियोजना को धरातल पर लाने के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने लगातार प्रयास किए हैं। केंद्रीय मंत्री और गया के सांसद जीतन राम मांझी ने इस समस्या को प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने 13 फरवरी, 2025 को केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर टंकुप्पा ब्लॉक में कनेक्टिविटी की कमी और सुरक्षा के खतरों के बारे में विस्तार से बताया था।
गया-धनबाद ग्रैंड चॉर्ड रेलवे संघर्ष समिति के माध्यम से गया संसदीय क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि नंदलाल मांझी ने भी धनबाद रेल मंडल के समक्ष 18 महत्वपूर्ण रेलवे संबंधी प्रस्ताव पेश किए थे।
जल्द शुरू होगा निर्माण कार्य
धनबाद रेल मंडल ने पुष्टि की है कि अंडरपास के निर्माण के लिए आवश्यक टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। निर्माण कार्य बहुत जल्द शुरू होने की उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के शिलान्यास समारोह की घोषणा भी निकट भविष्य में की जाएगी।