तन्वी पात्री ने रचा इतिहास: यूथ ओलंपिक में जीता सिल्वर मेडल
भारतीय शटलर तन्वी पात्री ने यूथ ओलंपिक 2026 में सिल्वर जीतकर इतिहास रच दिया है। जानें कैसे इस 15 साल की खिलाड़ी ने सबको चौंका दिया।

भारतीय बैडमिंटन के लिए एक ऐतिहासिक क्षण आया है। 15 वर्षीय युवा शटलर तन्वी पात्री ने यूथ ओलंपिक गेम्स 2026 में सिल्वर मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया है। तन्वी यूथ ओलंपिक में बैडमिंटन पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बनकर इतिहास रच चुकी हैं।
रोमांचक फाइनल मुकाबला और तन्वी का संघर्ष
सेनेगल के डकार में खेले गए इस बेहद रोमांचक मुकाबले में तन्वी का सामना मौजूदा विश्व जूनियर चैंपियन झांग यी झिन से था। मैच इतना कड़ा था कि दर्शकों की सांसें थम गईं। तन्वी ने शानदार खेल दिखाते हुए पहला गेम 21-15 से अपने नाम किया, जिससे ऐसा लगा कि स्वर्ण पदक उनकी मुट्ठी में है। हालांकि, दूसरे गेम में झांग ने जबरदस्त वापसी करते हुए तन्वी को 21-13 से हरा दिया।
तीसरे और निर्णायक गेम में असली रोमांच देखने को मिला। झांग ने शुरुआत में 19-10 की बड़ी बढ़त बना ली थी, लेकिन तन्वी ने हार नहीं मानी और संघर्ष करते हुए स्कोर को 19-15 तक ला दिया। तन्वी ने झांग के छह मैच पॉइंट्स को भी सफलतापूर्वक बचाया और तीन बार स्वर्ण पदक जीतने का मौका भी बनाया। लेकिन अंत में, बेहद करीबी मुकाबले में तन्वी को 26-24 से हार का सामना करना पड़ा, जिससे झांग ने स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।
खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने जताया गर्व
तन्वी की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने तन्वी को 'भारत की बेटी' बताते हुए कहा कि उन्होंने इतिहास रच दिया है और यह पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है।
रिकॉर्ड्स की सूची में शामिल हुआ नया नाम
तन्वी की यह उपलब्धि भारत के लिए एक मील का पत्थर है। यूथ ओलंपिक के इतिहास में इससे पहले एचएस प्रणय (2010) और लक्ष्य सेन (2018) ने व्यक्तिगत सिल्वर पदक जीता था, लेकिन तन्वी यूथ ओलंपिक में बैडमिंटन पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला खिलाड़ी बन गई हैं।