खड़गे की टिप्पणी पर भड़के तारकिशोर प्रसाद, कहा- कांग्रेस का दिवालियापन

मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा पीएम मोदी के पिता पर की गई टिप्पणी को बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कांग्रेस का वैचारिक दिवालियापन बताया है।

Ghazala Saheb26 October 20262 min read0 viewsBihar
खड़गे की टिप्पणी पर भड़के तारकिशोर प्रसाद, कहा- कांग्रेस का दिवालियापन

बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता पर की गई अभद्र टिप्पणी पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने इस बयान को कांग्रेस की कुत्सित सोच और उनके घोर वैचारिक दिवालियापन का प्रत्यक्ष प्रमाण बताया है।

पटना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विवाद

तारकिशोर प्रसाद के अनुसार, पटना के बापू सभागार में बिहार के प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मल्लिकार्जुन खड़गे ने यह आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं की यह प्रवृत्ति बन चुकी है कि वे संसद के भीतर और बाहर संवैधानिक मर्यादाओं का खुला उल्लंघन करते हैं।

संवैधानिक मर्यादाओं का हनन

पूर्व उपमुख्यमंत्री ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे लगातार देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री पर असंसदीय और अशोभनीय टिप्पणियां करते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के इस व्यवहार से देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को नुकसान पहुँच रहा है।

"अजीबोगरीब हरकतों और अमर्यादित बयानों के जरिए कांग्रेस देश के करोड़ों नागरिकों की आस्था के केंद्र संसद का अपमान कर रही है, जो सीधे तौर पर लोकतंत्र के स्तंभों और संविधान पर प्रहार है।"

प्रसाद ने जोर देकर कहा कि इस तरह की बयानबाजी से देश की गरिमा को ठेस पहुँचती है।

सार्वजनिक माफी की मांग

तारकिशोर प्रसाद ने मांग की है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे अपने इस स्तरहीन बयान के लिए अविलंब पूरे देश से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और ऐसी बयानबाजी पर तत्काल रोक लगाएं। उन्होंने राजनीति के गिरते स्तर पर चिंता व्यक्त करते हुए निम्नलिखित बातें कहीं:

  • लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद होना स्वाभाविक है।
  • सार्वजनिक मंचों से परिवार और मर्यादाओं को लांघना गलत है।
  • ऐसी ओछी राजनीति को देश की जनता कतई स्वीकार नहीं करेगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि मर्यादाओं का उल्लंघन करने वाली राजनीति को समाज में कोई स्थान नहीं मिलना चाहिए।

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