शिक्षक विद्यार्थियों में चरित्र निर्माण के साथ राष्ट्रबोध जगाने का करें प्रयास : डायट प्राचार्या श्वेता सोनाली

दरभंगा में शिक्षक दिवस के अवसर पर जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट), किलाघाट में शनिवार को एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में प्रशिक्षु शिक्षकों से भारत के महान शिक्षाविद् एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जीवन और कृतित्व से प्रेरणा लेने का आह्वान किया गया।
प्राचार्या का संदेश
डायट की प्राचार्या श्वेता सोनाली ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों के जीवन की नींव तैयार करते हैं। उन्होंने बताया कि शिक्षकों की जिम्मेदारी केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रत्येक विद्यार्थी में नैतिक मूल्यों, अनुशासन, कर्तव्यबोध और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी उनका महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने कहा कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जीवन शिक्षकों के लिए प्रेरणा का स्रोत है और उनके आदर्शों को आत्मसात कर भावी पीढ़ी को बेहतर दिशा दी जा सकती है।
उप प्राचार्य और कर्मियों की सहभागिता
उप प्राचार्य पंकज प्रसाद ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी के व्यक्तित्व में डॉ. राधाकृष्णन जैसे महान शिक्षाविदों के आदर्शों और मूल्यों को विकसित करने का प्रयास होना चाहिए। शिक्षक अपने आचरण और व्यवहार से विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बन सकते हैं। प्रशिक्षु सुनील कुमार ने शिक्षक दिवस के महत्व और डॉ. राधाकृष्णन के शिक्षा के क्षेत्र में योगदान पर प्रकाश डाला। एडमिन दीपक एवं शब्बीर सहित संस्थान के कर्मियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। कार्यक्रम में प्रशिक्षु शिक्षकों ने डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के आदर्शों को अपने शिक्षण एवं व्यक्तिगत जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को उनकी सामाजिक एवं राष्ट्रीय जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना रहा।