बिहार में कानून व्यवस्था ध्वस्त! तेजस्वी का तीखा हमला: "रोज हो रहे मर्डर, पुलिस भ्रष्टाचार में व्यस्त"

Ghazala Saheb24 September 20262 min read1 viewBihar
बिहार में कानून व्यवस्था ध्वस्त! तेजस्वी का तीखा हमला: "रोज हो रहे मर्डर, पुलिस भ्रष्टाचार में व्यस्त"

बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि प्रदेश में अपराध का ग्राफ बेकाबू हो चुका है और आम जनता पुलिस थानों व प्रशासनिक ब्लॉकों में व्याप्त भ्रष्टाचार से बुरी तरह त्रस्त है।

"बिहार में रोजाना हो रहे हैं मर्डर और लूट"

तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर सरकार को घेरते हुए बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि बिहार में कानून का राज पूरी तरह खत्म हो चुका है और अपराधी बेखौफ होकर घूम रहे हैं।

"बिहार में रोजाना हत्याएं हो रही हैं। लूटपाट, अपहरण और फिरौती की घटनाएं आम बात हो गई हैं। महिलाओं और बच्चियों के साथ बलात्कार की घटनाएं बढ़ रही हैं। कानून-व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त है; अपराधी खुलेआम घूम रहे हैं।"

तेजस्वी ने आगे आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासनिक ब्लॉक भ्रष्टाचार के केंद्र बन गए हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पुलिस शराबबंदी के नाम पर मनी लॉन्ड्रिंग में व्यस्त है और मुख्यमंत्री इन गंभीर मुद्दों पर केवल बकवास कर रहे हैं, जिससे कुछ भी ठीक नहीं होगा।

समस्तीपुर में सरेराह बदसलूकी, चार गिरफ्तार

अपराध की बढ़ती घटनाओं के बीच समस्तीपुर जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ जगत सिंह तटबंध क्षेत्र (करपुरी ग्राम थाना क्षेत्र) में एक युवती के साथ सरेआम बदसलूकी और मानसिक उत्पीड़न का एक वीडियो वायरल हुआ।

  • त्वरित कार्रवाई: वीडियो के व्यापक रूप से प्रसारित होने के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
  • गिरफ्तार आरोपी: पुलिस ने इस मामले में कुंदन कुमार, फैयाज और रामाशीष कुमार सहित चार संदिग्धों को हिरासत में लिया है।

हालांकि वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने फुटेज के आधार पर तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है।

जमुई कांड और सोशल मीडिया पर पुलिस का शिकंजा

हाल ही में जमुई जिले में एक 10वीं कक्षा की छात्रा के साथ हुई कथित मारपीट और उत्पीड़न की घटना ने भी राज्य में आक्रोश पैदा कर दिया था। इस मामले में पुलिस ने न केवल अपराधियों पर कार्रवाई की, बल्कि सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करने वालों पर भी सख्त रुख अपनाया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, जमुई मामले में नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो साझा करने के आरोप में लगभग 120 सोशल मीडिया प्रोफाइल्स के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। जमुई पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे ऐसी किसी भी आपत्तिजनक सामग्री को साझा न करें जिससे पीड़ित की गोपनीयता को नुकसान पहुंचे।

अपराधियों को जदयू की चेतावनी

इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए जदयू नेता राजीव रंजन ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा कि यदि अपराधी जमुई जैसी घटनाओं से सबक नहीं लेते हैं, तो उनका अंजाम जेल जाना ही होगा। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि जो लोग सोशल मीडिया का उपयोग इस तरह की गतिविधियों के लिए करते हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।

Share:

Comments

Leave a comment