जमुई कांड पर तेजस्वी का सम्राट चौधरी पर तीखा हमला: बोले- 'मुस्लिम या यादव एंगल ढूंढने की कोशिश'

बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने जमुई में एक नाबालिग लड़की और उसके साथी के साथ हुई छेड़छाड़ के मामले को लेकर राज्य सरकार पर बड़ा हमला बोला है। तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार इस मामले की जांच को प्रभावित करने और इसमें जातिगत या धार्मिक रंग देने की कोशिश कर रही है।
'भगवा गमछा' और तेजस्वी का सियासी तंज
तेजस्वी यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बेहद तीखा और कटाक्षपूर्ण पोस्ट साझा किया है। उन्होंने एक काल्पनिक संवाद के जरिए मुख्यमंत्री और पुलिस अधिकारी के बीच की बातचीत को दर्शाया है। तेजस्वी का आरोप है कि सरकार जांच को इस तरह मोड़ना चाहती है जिससे आरोपी की पहचान को लेकर कोई विवाद न हो, बल्कि किसी अन्य समुदाय को निशाना बनाया जा सके।
तेजस्वी ने अपने पोस्ट में लिखा कि मुख्यमंत्री पुलिस से पूछ रहे हैं कि आरोपी ने किस रंग का गमछा पहना था। उन्होंने व्यंग्य करते हुए लिखा:
CM: क्या रंग का गमछा लपेटा हुआ था?
पुलिस: सर... भगवा!
CM: फिर तो वह भगवा बलात्कारी नहीं हुआ। मतलब विचार से तो सात्विक और मोदी समर्थक ही होगा ना... कुछ ऐसा ढूंढो कि मुस्लिम या यादव एंगल निकल आए।
तेजस्वी ने आगे आरोप लगाया कि पुलिस पर दबाव डाला जा सकता है ताकि किसी अपराधी को किसी विशेष जाति या धर्म से जोड़कर पेश किया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जांच में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल और पहचान के तरीकों को लेकर भी संदिग्ध भूमिका निभा सकती है।
जमुई में क्या हुआ था?
यह पूरा विवाद जमुई से आए एक वीडियो के वायरल होने के बाद शुरू हुआ है। इस वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ युवकों के एक समूह ने एक नाबालिग लड़की और उसके पुरुष साथी के साथ छेड़छाड़ और दुर्व्यवहार किया है। इस घटना ने सोशल मीडिया पर काफी आक्रोश पैदा कर दिया है।
पुलिस की कार्रवाई और जांच की स्थिति
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। एडीजी (कानून और व्यवस्था) केएस अनुपम ने बताया कि यह घटना 19 सितंबर की है। उन्होंने कहा कि पुलिस ने लड़की का बयान दर्ज कर लिया है और इस मामले में अब तक तीन नाबालिगों को हिरासत में लिया जा चुका है।
जमुई के एसपी विश्वजीत दयाल ने मामले की जानकारी देते हुए बताया:
- वीडियो में दिख रहे असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।
- मामले की जांच के लिए एसआईटी (SIT) का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व जमुई के एसडीपीओ करेंगे।
- वीडियो के आधार पर तीन लोगों को पकड़ा गया है और दो अन्य की पहचान कर ली गई है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।
- इस मामले में पॉक्सो (POCSO) एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
पुलिस का कहना है कि वे वीडियो में दिख रहे सभी 6 से 7 संदिग्धों की पहचान करने और मामले की तह तक जाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।