तेजस्वी का चुनाव आयोग पर तीखा प्रहार: 'क्यों बदल रहे हैं अपने फैसले?'

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर बेहद गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग चुनावी धांधली में शामिल है और अपने ही पिछले फैसलों और नियमों से पीछे हट रहा है। तेजस्वी ने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतंत्र के लिए एक बड़ा खतरा बताया है।
'लोकतंत्र की हत्या हो रही है'
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए तेजस्वी यादव ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर सीधा हमला बोला। उन्होंने सवाल किया कि आखिर चुनाव आयोग किसके इशारे पर काम कर रहा है और क्यों वह अपने ही पुराने स्टैंड से पलट रहा है?
"किसके कहने पर चुनाव आयोग ने चुनावों में धांधली की, धोखाधड़ी की और लूटपाट की? अब चुनाव आयोग डर के मारे अपने ही पिछले नियमों और फैसलों को क्यों बदल रहा है? अगर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तब सही थे, तो अब वे अपने फैसलों से पीछे क्यों हट रहे हैं? ये लुटेरे चुनावों को लूट चुके हैं। इन्होंने जनता के भरोसे की हत्या कर दी है और लोकतंत्र को खत्म कर दिया है।"
तेजस्वी ने कड़े शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा कि आयोग की इन गतिविधियों ने चुनावी प्रक्रिया में जनता के विश्वास को पूरी तरह से खत्म कर दिया है।
भाजपा के 'कठपुतली' होने का आरोप
तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग पूरी तरह से भाजपा का कठपुतली बन चुका है। उन्होंने कहा कि जब भी विपक्षी दल चुनावी अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाते हैं, तो आयोग का रवैया संदिग्ध हो जाता है। उनके अनुसार, अब यह बात खुलकर सामने आ गई है कि कैसे वोटों की चोरी और धोखाधड़ी के जरिए चुनाव कराए जा रहे हैं।
बिहार से शुरू हुई लड़ाई
तेजस्वी ने मतदाता सूची के 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) का जिक्र करते हुए कहा कि इस लड़ाई की शुरुआत बिहार से ही हुई थी। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी उन पहली पार्टियों में से थी जिसने इस प्रक्रिया पर आपत्ति जताई थी और इसके खिलाफ आवाज उठाई थी।
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा:
- हम लगातार SIR के खिलाफ संघर्ष कर रहे हैं।
- इस लड़ाई का आगाज बिहार से ही हुआ था।
- अब यह स्पष्ट हो गया है कि कैसे वोट चोरी की गई।
संविधान बचाने के लिए हर बलिदान को तैयार
तेजस्वी यादव ने अंत में जोर देकर कहा कि लोकतंत्र पर लगातार हमले हो रहे हैं और वे इसे चुपचाप नहीं देखेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने और संविधान की रक्षा के लिए उनकी पार्टी किसी भी हद तक जाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए जो भी बलिदान देना होगा, वे देने से पीछे नहीं हटेंगे।