तेजस्वी के नेतृत्व में सड़कों पर उतरेगा इंडिया गठबंधन, पुतला दहन की तैयारी

बिहार में आगामी 7 और 8 अक्टूबर 2026 को सियासी पारा चढ़ने वाला है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन पूरे राज्य में व्यापक आंदोलन करने की तैयारी में है। बिहार राज्य बाल श्रमिक आयोग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. चक्रपाणि हिमांशु ने इस बड़े आंदोलन का शंखनाद करते हुए केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ मोर्चा खोलने की घोषणा की है।
केंद्र और चुनाव आयोग के खिलाफ आर-पार की लड़ाई
डॉ. चक्रपाणि हिमांशु ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि यह आंदोलन देश में लोकतंत्र की रक्षा करने और तानाशाही शक्तियों को सत्ता से बेदखल करने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह एक आर-पार की लड़ाई है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पुतले जलाए जाएंगे।
आंदोलन का पूरा शेड्यूल: प्रखंड से जिला मुख्यालय तक
इस महा-आंदोलन को दो चरणों में व्यवस्थित किया गया है ताकि पूरे राज्य में इसका असर दिखे:
- 7 अक्टूबर: बिहार के सभी प्रखंड (ब्लॉक) मुख्यालयों पर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा और पुतला दहन होगा।
- 8 अक्टूबर: राज्य के सभी जिला मुख्यालयों पर विरोध प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।
पटना में निकलेगा ऐतिहासिक 'लोकतंत्र बचाओ मार्च'
आंदोलन के दूसरे दिन, यानी 8 अक्टूबर को राजधानी पटना में एक विशाल 'लोकतंत्र बचाओ मार्च' निकाला जाएगा। यह मार्च ऐतिहासिक शहीद स्मारक से शुरू होकर महामहिम राज्यपाल के निवास (राजभवन) तक जाएगा।
इस महा-आंदोलन में इंडिया गठबंधन के सभी माननीय विधायक, पूर्व विधायक, प्रदेश पदाधिकारी, जिला अध्यक्ष और गठबंधन के सभी शीर्ष व वरिष्ठ नेता एकजुट होकर भाग लेंगे। डॉ. चक्रपाणि हिमांशु ने दावा किया कि यह आंदोलन देश में लोकतंत्र को कुचलने वाली ताकतों के खिलाफ एक मील का पत्थर साबित होगा।